एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में ‘कला और सामाजिक विज्ञान में समकालीन प्रवृतियाँ’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आगाज़ आज से
उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित है कांफ्रेंस : प्रो सुदेश कुलपति भगत फूल सिंह महिला विश्वविधालय खानपुर कलां (सोनीपत) करेंगी कांफ्रेंस का शुभारम्भ
कीनॉट संबोधन प्रो राजेश गिल समाजशास्त्र विभाग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ देंगी
BOL PANIPAT , 17 मार्च. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित 18-19 मार्च तक चलने वाली दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आगाज आज माननीया मुख्य अतिथि प्रो सुदेश कुलपति भगत फूल सिंह महिला विश्वविधालय खानपुर कलां (सोनीपत) करेंगी. कीनॉट संबोधन प्रो राजेश गिल समाजशास्त्र विभाग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ द्वारा दिया जाएगा. प्रथम दिन के पहले तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ राजेन्द्र कुमार अरोड़ा प्राचार्य राजकीय कन्या महाविधालय चीका (पेहोवा) और दुसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो इंद्र मोहन झा राजनीति शास्त्र विभाग आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी करेंगे. दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो संध्या रोहल पूनिया विधि विभाग बीपीएसएमवी खानपुर कलां (सोनीपत). दो तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ बाल किशन शर्मा पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग और डॉ प्रेरणा डावर निदेशक गीता इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ करहंस (पानीपत) करेंगे. इन विशिष्ट विद्वानों के अलावा भी कई अन्य विषय विशेषज्ञ भी कांफ्रेंस का हिस्सा बनेंगे. यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. विदित रहे कि दो दिवसीय कांफ्रेंस के संरक्षक एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल है और उनके साथ उप-प्रधान मनोज सिंगला, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला और कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल का भी भरपूर सहयोग और सानिध्य प्राप्त रहेगा. कांफ्रेंस के संयोजक प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा है. सह-संयोजक का दायित्व प्रो अन्नू आहूजा और डॉ एसके वर्मा के जिम्मे है. संगठन सचिव की भूमिका डॉ राकेश गर्ग और डॉ सुशीला बेनीवाल निभायेंगे. इनके साथ परामर्श समिति में डॉ नवीन गोयल, प्रो प्रवीण खेरडे, प्रो पवन सिंगला, प्रो गीता प्रुथी, डॉ संगीता गुप्ता, डॉ इंदु बाला, प्रो सविता पुनिया और डॉ भारती गुप्ता शामिल रहेंगे. दो दिविसीय नेशनल कांफ्रेंस में समाजशास्त्र, विधि और राजनीति, जन संचार, मनोविज्ञान, शिक्षा, इतिहास, कला और फाइन आर्ट्स, भूगोल. वाणिज्य, प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी, अंग्रेजी भाषा और साहित्य, अर्थ शास्त्र और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों पर गंभीर मंथन और विचार-विमर्श कर नए विचारों और सिद्धांतों को प्रतिपादित किया जाएगा. कांफ्रेंस में प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों से अब तक 400 शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है और इस कांफ्रेंस में लगभग 600 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है और लगभग 300 शोध पत्रों के पढ़े जेन और उनपर गंभीर विमर्श किये जाने की उम्मीद है. प्रतिभागी पहले दिन प्रात 9 से 10:30 बजे तक कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए अपना पंजीकरण करवा सकते है. हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तरांचल, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, गुजरात आदि राज्यों के महाविधालयों और विश्वविधालयों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में भाग लेंगे.

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