एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वर्ल्ड रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट डे को मानव सेवा के जज़्बे और पावन भाव के साथ मनाया गया.
एनएसएस और वाईआरसी के संयुक्त तत्वाधान में कार्यकर्ताओं को दिलाई गई मानव सेवा की शपथ
इंसान में इंसानियत, समुदायवाद और आपसी सदभाव के भाव पैदा करता है रेड क्रॉस: गौरव रामकरण, सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत
पोस्टर मेकिंग में तन्नू और क्विज प्रतियोगिता में सौरभ ने मारी बाजी
BOL PANIPAT ,08 मई, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वर्ल्ड रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट डे को मानव सेवा के जज़्बे और पावन भाव के साथ मनाया गया. कॉलेज एनएसएस और वाईआरसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 100 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और मानव सेवा की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था में मनसे कार्य करने की शपथ उठाई. कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा औरवाईआरसी नोडल ऑफिसर एवं एनएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग ने की. आकर्षण का केंद्र गौरव रामकरण सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत का ऑनलाइन वक्तव्य रहा जिसने एनएसएस और वाईआरसी कार्यकर्ताओं को खूब प्रेरित किया और उनमें नया जोश भर दिया. इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गयाजिसका थीम ‘मानवता के लिए साथ’ रहा और इसमें रेड क्रॉस और मानव सेवा से जुड़े प्रश्न पूछे गए और रंग-बिरंगे पोस्टर्स बनाए गए. कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी कार्यकर्ताओं कोनि:स्वार्थभाव से मानव सेवा करने की शपथ दिलाई. वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के अवसर पर कॉलेज में वृक्षारोपण करविभिन्न किस्मों के पौधे भी लगाए गए जिनमें फलदार पौधे भी शामिल थे.
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-
प्रथम तन्नू बीए-तृतीय
द्वितीय युक्ति बीए-द्वितीय
तृतीय ख़ुशी बीकॉम-तृतीय
क्विज प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-
प्रथम सौरभ बीकॉम-द्वितीय
द्वितीय भारती बीए-द्वितीय
तृतीय सुप्रिया बीए-तृतीय
गौरव रामकरण सचिवजिलारेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत ने अपने ऑनलाइन वक्तव्य में कहा किकिसी भी देश में कोई न कोई आपदा आती हीरहती है. जब भी किसी देश में कोई मुसीबत या परेशानी आती है तो उस देश की सरकार के द्वारा बचाव कार्य करके लोगों की जान बचाई जाती है. रेड क्रॉस भी ऐसे ही लोगों की सहायता करती है. रेड क्रॉस संस्था लोगों के खाने-पीने, चिकित्सा और उनके रहने की व्यवस्था करती है. किसी भी देश में मुसीबत के दौरान यह संस्था सामने आकर ज़्यादा से ज़्यादा मानव जीवन की रक्षा करती है. भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के दौरान की गई थी और आज भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की 700 से भी ज्यादा शाखाएं है. केवल मात्र सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए हमें रेड क्रॉस या एनएसएस सेनहीं जुड़नाचाहिए. दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का नाम ही रेड क्रॉस है.इंसान में इंसानियत, समुदायवाद और आपसी सदभाव के भाव पैदा रेड क्रॉसही पैदा करता है.
पवन गोयलएसडी कॉलेज प्रधान ने कहा कि कॉलेज चाहता है कि आज के युवा जो कल का भविष्य है हर मायने में तंदुरस्त और सेहतमंद रहे और इसी प्रकार एनएसएस और रेड क्रॉस से जुड़ कर सामाजिक हित के कार्य करते रहे. रेड क्रॉस सोसाइटी और इसके कार्यकर्ता हर जगह और हर समय दृढ़ता और मेहनत से अपना काम करते रहेंगे ऐसी उनकी कामना है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने रेड क्रॉस के बारे में बताते हुए कहा किमानवता को बचाने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था का नाम ही रेड क्रॉस है.रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की सहायता के लिए बनाया गया था परन्तु आज इसका कार्य क्षेत्र और भी व्यापक हो गया है. इसकाउद्देश्य मानव जीवन की रक्षा करना है चाहे वो युद्ध हो या अन्य आपदाएं. हेनरी ड्यूनेंट नामक व्यक्ति ने 1867 में इससंगठन की शुरुआत की थी.रेड क्रॉसमानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है. उन्होनेंसभी युवाओं से अपील की कि वे भी मानवता की सेवा करने का भाव खुद में पैदा करे.रेड क्रॉस से जुड़ा व्यक्ति सैदेव अच्छे कार्य करता है जिससे उसे आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है.रेड क्रॉसमानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसे सिद्धांतो पर चलती है.रेड क्रॉस से जुड़ा हर व्यक्तित्व दैवीय है.
डॉ राकेश गर्ग यूथ रेडक्रॉस क्लब नोडल अधिकारी ने कहा कि एनएसएस और वाईआरसी कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे रेडक्रॉस के युवा क्लब से जुड़कर प्राथमिक उपचार एवं आपदा से निपटने का प्रशिक्षण समय रहते लेताकि समय पड़ने पर वे आम जनमानस का सहयोग कर सकें. कोई भी समाज या देश अकेले सरकार के प्रयासों से अपने लक्ष्यों को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सकता और ऐसे में सामाजिक संस्थाओं को समाज व देश के हित में पूरी शिद्दत से काम करने की जरूरत है. सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण के लिए नई पीढ़ी के युवाओं को और प्रेरित करने की आवश्यकता है औरआज का दिन इसी उद्देश्य का निर्वाह करेगा.आज के समय में रेडक्रॉस अपनेसामाजिक दायित्वों को सबसे बेहतर ढंग से निभा रहा है.
इस अवसर पर डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ संतोष कुमारी,प्रो इंदु पूनिया,दीपक मित्तल उपस्थित रहे.

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