Tuesday, April 28, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना ने शैक्षणिक भ्रमण द्वारा किया नए संसद का दौरा

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 8, 2023 Tags: , , , ,

संजय भाटिया सांसद लोकसभा करनाल ने संसद भवन प्रांगण में युवा स्वयंसेवकों का मार्गदशन और उत्साहवर्धन

देश की नई संसद, नए भारत और नए लक्ष्यों को पूर्ण करेगी: संजय भाटिया सांसद लोकसभा करनाल  

BOL PANIPAT , 08 अक्टूबर.

     एसडी पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट्स के स्वयंसेवकों ने शैक्षणिक भ्रमण द्वारा किया नए संसद भवन का दौरा कर देश की इस बहुमूल्य धरोहर के बारे में जाना और समझा. 50 एनएसएस स्वयंसेवकों और कॉलेज में एसएसएस अधिकारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी की अगुआई में दल को प्रात: प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और महेश थरेजा ने हरी झंडी दिखाकर नई दिल्ली के लिए रवाना किया. नई संसद पहुँचने पर एनएसएस कार्यकर्ताओं का स्वागत, मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन संजय भाटियासांसद लोकसभा करनाल ने किया और उन्होनें सभी को दोपहर का भोजन भी कराया. इससे पहले एनएसएस भ्रमणकर्ता दल ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में जाकर माथा टेका और अपने भक्ति और सेवा भाव को प्रदर्शित किया. भ्रमण के अंतिम पड़ाव में एनएसएस दल अक्षरधाम मंदिर भी गया. इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य युवा एनएसएस कार्यकर्ताओं को भारत की अमूल्य धरोहरों और मूल्यों बारे अवगत कराना और उन्हें जागरूक करना था. ऐसा करके हम देश के युवा को अधिक संवेदनशील और राष्ट्र प्रेम के गुणों से परिपूर्ण बना सकते है.

     संजय भाटिया ने विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करते हुए कहा कि नएसंसद भवन की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि पुरानी संसद में सांसदों के बैठने के लिये स्थान पर्याप्त नहीं था.पुराने भवन को पूर्ण लोकतंत्र के लिये द्वि सदनीय विधायिका को समायोजित करने के लिये डिज़ाइन नहीं किया गया था. पुरानी संसद में संचार अवसंरचना और प्रौद्योगिकी पुरातन थीतथा सभी हॉलों की ध्वनिकी में भी सुधार की आवश्यकता थी. हम यहाँ भी जानते है कि दिल्ली भूकंपीय ज़ोन में है जिससे पुरानी संसद की संरचनात्मक सुरक्षा चिंताए भी बढ़ गई थी.नई संसद में हरित निर्माण तकनीकों का उपयोग करने के कारण निर्मित नए भवन में पुराने भवन की तुलना में विद्युत की खपत में 30 प्रतिशत की कमी भी आएगी.इसमें वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण प्रणालियों को भी शामिल किया गया है. नई संसद नए भारत और नई उर्जा का प्रतीक है. हर युवा को कम से कम एक बार इस जनतंत्र के मंदिर को अवश्य देखना चाहिए.       प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि कॉलेज में शिक्षा व्यवस्थित निर्देश प्राप्त करने या देने की प्रक्रिया है. विद्यार्थी उन अवधारणाओं का उपयोग करके ज्ञान प्राप्त करते हैं और अपने कौशल को उन्नत करते हैं जो उन्होंने अपने सम्मानित शैक्षणिक संस्थानों से हासिल किये हैं. ऐसी विभिन्न शैक्षिक तकनीकें हैं जिनके द्वारा शिक्षक छात्रों को पाठ पढ़ाते हैं और शैक्षिक भ्रमण का आयोजन भीउनमें से एक है.  शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक एवं रोचक तरीके से शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह स्वाभाविक तथ्य है कि जो चीज़ वास्तविकता में देखी जाती है उसे आसानी से समझा जा सकता है. जो ज्ञान हम केवल किताब में पढ़ते हैं और सैद्धांतिक रूप से याद करते हैं उसका ज्यादा लाभ हमें नहीं मिलता है.किताबों से सीखने की तुलना में किसी भीचीज़ को सामने से देखकर सीखना कहीं बेहतर है.वैसे भी व्यावहारिक शिक्षा हमारे दिमाग में लंबे समय तक रहती है. इसलिए विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा से संबंधित यात्राओं पर ले जाने से उन्हें चीजों को बेहतर तरीके से सीखने में मदद मिलतीहै. शैक्षिक दौरे मनोरंजन और मनोरंजन का एक तरीका भी होतेहैं और येछात्रों के लिए तनाव निवारक के रूप में कार्य करते हैं.       डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान को अपने विद्यार्थियों को शैक्षिक दौरों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. शैक्षिक दौरों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए एक अच्छा तरीकाहै. शैक्षिक दौरे छात्रों की समग्र शिक्षा और विकास में सुधार के लिए रुचि-संचालित दृष्टिकोण पर आधारित होतेहैं. शैक्षिक दौरे पर जाने से छात्र नए दृष्टिकोण और अनौपचारिक वातावरण की प्रत्याशा में ऊर्जावान, उत्साहित और रोमांचित होते हैं. अपने सहपाठियों और दोस्तों के साथ एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करना एक मजेदार और सुखद समय होता है. यह विद्यार्थियों को अनौपचारिक वातावरण में नई स्थितियों के बारे में अधिक जानने की कोशिश करते हुए चीजों को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है.आजकल कई कॉलेज शैक्षिक दौरों की प्रथा का पालन कर रहे हैं ताकि छात्र अधिक प्रभावी ढंग से जान और सीख सकें. नई संसद में 420 संख्या से जुड़े मिथकों के कारण इस नंबर की सीट को 419-एनंबर दिया गया है. लोकसभाऔर  राज्यसभा को अलग पहचान दिलाने के लिए इनमें क्रमश: हरे और लाल रंग के कारपेट बिछाए गए है.

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