निर्धारित उद्देश्य ही हमें जीवन में उच्च स्थान प्राप्त करने में मदद करते हैं : डॉ अजय कुमार गर्ग
BOL PANIPAT : जी.टी. रोड स्थित आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में करियर एवं प्लेसमेंट इकाई एवं मेधा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए “स्वदेशी स्वावलंबन अभियान”के अंतर्गत Entrepreneurial Sagas from Dreams to Empires पर एक सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें लगभग 155 विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया | इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्र में माहिर प्रोफेशनल्स से इंटरेक्शन करवाना था। इस सेमिनार के रिसोर्स परसंस ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन एवं व्यवसाय के अनुभवों को भी साझा किया। इस सेमिनार का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग, प्रीतम सचदेवा, भूपिंदर दीक्षित, धर्मवीर जांगड़ा , चंद्रेशेखर(संरक्षक ,स्वावलंबी भारत अभियान), परवीन, नितिन, विक्रम चावला (सदस्य
स्वावलंबी भारत अभियान), रवि गोसाई(मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य),
डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. निधि, प्रो.संगीता एवम् प्रो. रुचिका बत्रा ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया | अतिथियों को तुलसी का पौधा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया| इस अवसर पर प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने कहा कि हम सबके जीवन का कोई ना कोई उद्देश्य होता है और निर्धारित उद्देश्य ही हमें जीवन में उच्च स्थान प्राप्त करने में मदद करते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना चाहिए और हर वक्त कुछ बड़ा करने की कोशिश करें और अपनी सोच को सीमित न रखें। हमारी सोच हमें जीवन में सफलता दिलाने में बड़ी भूमिका अदा करती है और इसलिए जितना हो सके बड़ा और सकारात्मक सोचो। इस अवसर पर करियर एवं प्लेसमेंट गाइडेंस की ऑफिसर डॉ अर्पणा गर्ग ने कहा कि अगर हम अपने जीवन में सफल होना चाहते हैं तो उसकी पहली कुंजी है आत्मविश्वास। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्य को हमेशा पूरे विश्वास और निष्ठा के साथ करना चाहिए। आज के हमारे इस सेमिनार का उद्देश्य भी यही था कि विद्यार्थी इन रिसोर्स पर्सन से यह सीख ले की किस तरह आत्मविश्वास के साथ किया गया हर कार्य आपको सफलता की ओर ले जाता है। इस प्रोग्राम के पहले रिसोर्स पर्सन मिस्टर धर्मवीर जांगड़ा ने कहा कि सफलता पाना इसलिए मुश्किल नहीं है क्योंकि वह मुश्किल है बल्कि इसलिए मुश्किल लगता है क्योंकि हम चीजों के बारे में नकारात्मक सोचते हैं और सफलता पाने की ओर पहला कदम अपने मन मस्तिक में सकारात्मकता का बीज बोना है। यह भी कहा कि कभी-कभी आपको लगता है की सफलता के सारे रास्ते बंद हो गए लेकिन आपकी सकारात्मक सोच, विचार, कोशिशों से सफलता के रास्ते फिर से खुल जाते हैं। सेमिनार के दूसरे रिसोर्स पर्सन मिस्टर भूपिंदर दीक्षित ने कहा कि इच्छा शक्ति सफलता की बड़ी चाबी है इच्छा शक्ति से आप जीवन में हर लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट के विभिन्न अवसरों के बारे में बताया जिससे विद्यार्थी विभिन्न स्कॉलरशिप के अंतर्गत बहुत ही कम फीस में चार्टर्ड अकाउंटेंट के कोर्स को पूरा कर सकते है।सेमीनार के तीसरे रिसोर्स पर्सन मिस्टर प्रीतम सचदेवा ने कहा कि किसी भी मुश्किल कार्य को निरंतर प्रयास से सीखा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया की किस तरह से विद्यार्थी अपने जीवन में स्वावलंबी हो सकते है।इस प्रोग्राम में मंच का संचालन डॉ. निधि द्वारा किया गया। इस सेमिनार के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने सभी रिसोर्स पर्सन्स के समक्ष अपनी विभिन्न क्वेरीज भी प्रस्तुत की और सभी रिसोर्स पर्सन्स ने इन क्वेरीज का उत्तर देते हुए विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और रुचियों से अवगत भी कराया। प्रोग्राम के अंत में रवि गोसाई ने सभी का धन्यवाद किया। इस प्रोग्राम के सफल आयोजन में मेधा फाउंडेशन से मिस सोनाली, मिस्टर शाहिद अली, मिस्टर शान मोहम्मद,प्रो. संगीता और प्रो. रुचिका ने अहम भूमिका निभाई।इस अवसर पर डॉ पूनम मदान,प्रो.विनीता,प्रो.रितिका,प्रो.करुणा,प्रो.रीना,प्रो.शिखा, प्रो. प्रिया, प्रो. मंजु चांद आदि मौजूद रहे।

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