Sunday, April 26, 2026
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मकर संक्रांति पर किया दान अश्वमेध यज्ञ के बराबर : प्रवीण जैन.

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at January 14, 2024 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : रविवार को समाज संगठन की ओर से गर्म कपड़े वितरण अभियान समापन पर संगठन कार्यालय पर आस पास की कालोनी की महिलाओं को शाल व कम्बल वितरण किए व बुजुर्ग आश्रम में महिलाओं को गर्म शाल व असंध रोड झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चो बुजुर्ग व महिलाओं व जाटल रोड असंध रोड राहगीरों व स्लिम बस्ती में गर्म कपड़े  वितरण किए संगठन कार्यालय समापन पर अखिल भारतीय जैन मिलन की ओर से चेयरमैन राजेंद्र जैन व उनकी टीम ने संगठन अध्यक्ष प्रवीण जैन को पगड़ी पहनाकर पटका व स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित जैन ने कहा हम बहुत ही भाग्यशाली है बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से सभी के सहयोग से गर्म कपड़े वितरण अभियान के तहत हम जरूरतमंद को कुछ सहयोग कर सके जैन ने सभी मेंबरों का सहयोगियों का और पगड़ी पहनाकर सम्मानित करने के लिए भारतीय जैन मिलन की टीम का धन्यवाद किया
जैन ने बताया आज मकर्षक्रांति पर दान का बहुत ही बड़ा महत्व आज के दिन दान देना अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य लगता है  और कहते हैं जरूरी नहीं हर वक्त जुबा पर प्रभु का नाम आए
वो भी प्रभु भक्ति है जब किसी जरूरतमंद के काम आए आज के दिन का किया दान अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल मिलता है राजेंद्र जैन ने कहा प्रवीन जैन बहुत ही जनून से समाज सेवा करते हैं हम ऐसे समाजसेवी को समय समय पर सम्मानित करना चाहिए अगर आज के नेता अगर प्रवीन जैसे हो तो किसी को भी धक्के नही खाने पड़ेंगे
प्रवीन जैन  ने कहा सर्दी का मौसम है। बहुत बुजुर्ग औरत बच्चे खुले आसमान के नीचे झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं और तन पर पूरे कपड़े भी नहीं होते और स्लम  बस्तियों में मजदूर परिवार रहते हैं जो नए गर्म  कपड़े खरीदने में सक्षम नहीं होते जबकि हम और हमारे बच्चे घरों में रहते हैं और सभी सुख सुविधा होने के बावजूद भी सर्दी नही जाती हम सबका फर्ज बनता है। ऊपर वाले ने हमें दिया है,जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए जैसा हम करते हैं वैसा ही हमे लोट कर मिलता है। शास्त्रों में वर्णन भी है किए हुए दान का कई गुना हमे मिलता है और जिसको भी दे नए कपड़े दान करने  चाहिए । पुराने कपड़े का कभी दान नही करना चाहिए सभी कहते हैं, इस धरा का इस धरा पर सब धरा का धरा रह जायेगा न कुछ साथ आया है न कुछ साथ जायेगा लेकिन मेरा तो मानना ये है, जैसे विदेश में जाते हैं तो वहां की करेंसी लेनी पड़ती हैं सिर्फ वही चलती है ऐसे ही जो दान धर्म हम यहां करते हैं। उसी का किया फल हमारे साथ जायेगा और वही वहा चलता है और  गलत तरीके इकट्ठा किया हुआ धन बरतेगा कोई और और किसी न किसी जन्म में उसका फल हमें ही भुगतना पड़ता है।
जैन ने कहा संगठन की कोशिश रहती हैं,ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद की सेवा होनी चाहिए। संगठन समय समय पर स्कूल में झुग्गी झोपड़ी में स्लम  बस्तियों में गर्म कपड़े वितरण अभियान चलाता रहता है,संगठन की कोशिश रहती हैं जरूरत की जगह ही गर्म कपड़े वितरण किए जाए। और से जरूरत की जगह वाटर कूलर लगाना जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवाना दिव्यांगों को व्हीलचेयर हाथ रिक्शा बैसाखी वितरण करना जरुरत मंद के इलाज करवाना स्कूलों में वर्दी व स्टेशनरी वितरण करना समय समय भंडारे लगाना व जरुरत मंद का सहयोग करने की कोशिश रहती है। नर सेवा ही नारायण सेवा है मौके पर प्रवीण जैन विनोद गोयल राजेंद्र जैन प्रमोद जैन अमित जैन विकास जैन अंकित माटा दीपक गोस्वामी अशोक मखीजा  ,आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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