नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से 11 लाख की ठगी करने वाले गिरोह तीसरा आरोपी गिरफ्तार।
BOL PANIPAT : 23 फरवरी 2024, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए थाना सदर पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर गांजबड़ निवासी युवक से 11 लाख रूपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मंजीत निवासी खेड़ी तगा सोनीपत के रूप में हुई।
थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया कि उक्त मामले में पहले पकड़े जा चुके इसके साथी आरोपी योगेश निवासी कोल कैथल व अमर सिंह निवासी मुनक करनाल के कब्जे से ठगी की नगदी में से 8 हजार रूपये बरामद कर दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजा जा चुका है।
दोनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस फरार आरोपी मंजीत की धरपकड़ के लिए उसके संभावित ठीकानों पर दबिश दे रही थी। थाना सदर पुलिस ने वीरवार देर शाम आरोपी मंजीत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले पकड़े जा चुके अपने दोनों साथी आरोपियों के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। आरोपी के कब्जे से 1 हजार रूपये बरामद कर पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया।
थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया कि थाना सदर में गांजबड़ निवासी राजेश पुत्र रमेश ने शिकायत देकर बताया था कि वह पेशे से किसान है। उसका छोटा भाई सोनू असंध में एक निजी अस्पताल में गनमैन की नौकरी करता था। जहा पर सोनीपत के गांव खेड़ी तगा का मंजीत भी पलम्बर का काम करता था। मंजीत ने सोनू को कहा कि वह उसके भाई की सरकारी नौकरी लगवा देगा। अक्टूबर 2022 में मंजीत अपने साथी गांव मुनक करनाल निवासी अमर सिंह के साथ उनके घर पर आया और रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही।
24 नवम्बर 2022 को मंजीत व अमर सिंह घर आकर उनसे नौकरी के नाम के 1लाख रूपये ले गए। इसके बाद इनके साथी योगेश निवासी कौल कैथल ने फोन कर बताया कि उसकी नौकरी की बात हो गई है और 25 नवम्बर को कोलकाता जाना है। वह कलकत्ता गया जहा पर इनका साथी अंकित नाम का युवक मिला। युवक उसको एक होटल में ले गया। अगले दिन खड़गपुर ले गया जहा उसको 10 दिन तक रेलवे के क्वार्टर में ठहराया गया और ट्रेनिंग की क्लास लगी।
31 नवम्बर 2022 को उसकों ज्वाइनिंग लेटर दे हस्ताक्षर करवा फोटो कापी दी गई। यह सारी बात उसने घर पर भाई सोनू का बता दी। 7 दिसम्बर 2022 को अमर सिंह, योगेश व मंजीत भाई सोनू से 10 लाख रुपये ले गए। पैसों के सबूत के तौर पर मंजीत सोनू को दो चेक दे गया। जनवरी में वह घर आ गया। 22 जनवरी 2023 को वह वापिस खड़गपुर चला गया। जहा से एक सप्ताह बाद अमर सिंह व योगेश ने उसको हावड़ा कलकत्ता में बुला लिया। वहा एक सप्ताह तक उसको होटल में ठहराया गया। इसके बाद खड़गपुर भेज दिया जहा उसकी करीब 20 दिन तक क्लास लगी। क्लास में और 15/20 लड़के पढ़ते थे। फरवरी 2023 में वह वापिस घर आ गया। कुछ दिन बाद उसको रेलवे की सिलेक्शन लिस्ट दी गई जिसमें उसका नाम था। उसने इसकी जानकारी जुटाई तो लिस्ट व लेटर फर्जी निकला। उन्होंने अपने पैसे वापिस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। गिरोह के सभी आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर उससे 11 लाख रुपये ठग लिए। थाना सदर में नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

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