Thursday, October 22, 2026
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भारतीय संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए नारी का सम्मान बहुत जरूरी है : डॉ. अजय कुमार गर्ग

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 7, 2024 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : जीटी रोड स्थित आई.बी. (पी.जी.) महाविद्यालय, पानीपत में “कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ एवं महिला प्रकोष्ठ, एन.सी.सी एवं एन.एस.एस” के संयुक्त तत्वावधान में “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस अवसर पर एक से एक रंगारंग प्रस्तुतियों ने सबके मन को मोह लिया।कॉलेज के  प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने अपने वक्तव्य में कहा भारतीय इतिहास का “महिला दिवस” से गहरा संबंध है।भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया जाता है।’यत्र नार्यस्तु पूज्यंते तत्र रमंते देवता’,किंतु वर्तमान समय में नारी की स्थिति बेहद चिंताजनक है इसलिए भारतीय संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए नारी का सम्मान बहुत जरूरी है।इस दिन दुनियाभर में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने,उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और लिंग के आधार पर भेदभाव को समाप्त करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. किरण मदान ने कहा माता के रूप में नारी धरती पर सबसे पवित्रतम रूप मे है।मां को ईश्वर से भी बढ़कर माना गया है, क्योंकि मां ईश्वर की भी जननी है,किंतु बदलते समय में संतानों ने धन- लिप्सा व अपने स्वार्थ के कारण मां को सम्मान देना कम कर दिया है। इसलिए नई पीढ़ी को आत्मावलोकन कर मां को सम्मान देना चाहिए। कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की प्राभारी डॉ. पूनम मदान जी ने कहा कि बच्चों में संस्कार भरने का काम मां के रूप में नारी द्वारा ही किया जाता है क्योंकि बच्चों की प्रथम गुरु मां ही होती है।इतिहास उठाकर देखें तो इतिहास में अनेक ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण किया है।भारतीय संस्कृति में भी महिलाओं को यथोचित सम्मान दिया जाता है अतः उसे उचित सम्मान दिया ही जाना चाहिए। इस अवसर पर एन.सी.सी. प्रकोष्ठ के प्रभारी लेफ्टिनेंट डॉ. राजेश ने कहा कि महिला दिवस  महिलाओं के देश और समाज के लिए योगदान को याद करने का मौका होता है।उनका योगदान शिक्षा, सेवा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कई अन्य क्षेत्रों में बेहद खास है।एन.एस.एस. प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ.योगेश ने अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि महिलाओं ने समाज को विकसित बनाने में अहम भूमिका निभाई है। वे घरेलू कामों के अलावा समाज के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में भी अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. किरण मदान ने सभी का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर सभी समिति सदस्यों को बधाई दी।इस अवसर पर डॉ.अर्पणा गर्ग, डॉ. सुनीता ढांडा, प्रो. कनक शर्मा,डॉ. निधि, डॉ.शर्मिला यादव,प्रो. करुणा सचदेवा, प्रो. निशा गुप्ता,प्रो. रितिका,प्रो. मनीत कौर, प्रो. नीतू,प्रो. रेखा,प्रो. राहुल,मौजूद रहे।

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