फेसबुक पर कार बेचने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पानीपत पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया.
BOL PANIPAT : 14 मार्च 2024, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने फेसबुक पर कार बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के एक सदस्य को राजस्थाना के डीग के कुरकैन से गिरफ्तार किया। गिरोह ने पानीपत के महराणा निवासी नवीन से ऑनलाइन कार बेचने के नाम पर 1लाख 19हजार 650 रूपये की धोखाधड़ी की थी।
थाना साइबर क्राइम कार्यकारी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में नवीन पुत्र सुरेंद्र निवासी महाराणा ने शिकायत देकर बताया था कि उसने फेसबुक पर कार की ऐड देखी थी। कार खरीदने के लिए एड के साथ दिए नंबर पर काल की तो नरेंद्र नाम के युवक ने बातचीत की। कार का सौदा तय होने पर उससे गूगल पे के माध्यम से 1लाख 19हजार 650 रूपये ट्रांसफर करवा लिये, बाद में उसको ना कार मिली और ना ही पैसे। थाना साइबर क्राइम में नवीन की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406,420,120बी के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।
सब इंस्पेक्टर अजय ने बाताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए जानकारी जुटाकर बुधवार को राजस्थाना के डीग के कुरकैन से गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गुरदास निवासी कुरकैना डीग राजस्थाना के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह में शामिल अपने अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।
फर्जी खाते उपलब्ध करवा 50 प्रतिशत हिस्सा लेता था
सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पूछताछ में आरोपी गुरदास ने पुलिस को बताया वह गिरोह के सरगना अपने गांव निवासी साथी आरोपी आरिफ को फर्जी खाते उपलब्ध करवाता था। आरिफ फेसबुक पर गाड़ी बेचने के नाम लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। आरोपी गुरदास गिरोह में शामिल अन्य साथी आरोपियों को एटीमएम कार्ड देकर खातों से पैसे निकलवाकर अपना 50 प्रतिशत हिस्सा रखकर बाकी पैसे आरिफ को दे देता था। आरोपी गुरदास ने राजस्थाना के अलवर में अपने जानकार से 20 हजार रूपये के हिसाब से 5 बैंक खाते खरीदकर आरोपी आरिफ को उपलब्ध करवाए थे।
सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी गुरदास को वीरवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से उसके हिस्से में आई ठगी की राशि बरामद करने व गिरोह में शामिल आरोपियों के ठीकानों का पता लगा पकड़ने का प्रयास करेंगी।

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