Friday, April 17, 2026
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आजादी के बाद देश की एकता व अखंडता के लिए सबसे पहले मुखर्जी बलिदान हुए : सलूजा

By LALIT SHARMA , in Politics , at July 6, 2024 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 6 जुलाई।देश की आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू धारा 370 लागू कर जम्मू कश्मीर के पूर्णरूपेण विलय भारत में नहीं होने दिया ।ये देश की एकता व अखंडता के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी। तब देश अखंडता के लिए डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी शहीद हुए थे।वे आजादी के बाद देश की एकता व अखंडता के लिए शहीद होने वाले।पहले व्यक्ति थे।
ये शब्द भाजपा के राष्टीय सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रमुख गजेंद्र सलूजा ने jatal रोड महावीर कालोनी में। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके जन्मदिवस पर याद करते हुए कहे।
मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
गजेंद्र सलूजा में ने कहा कि धारा 370 की वजह से जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान पूर्णतय लागू नहीं होता था । शेष भारत से इस रियासत में दाखिल होने के लिए परमिट लेना पड़ता था। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसका विरोधा किया और एक नारा दिया एक देश में दो प्रधान,दो निशान।तथा दो। निशान नहीं चलेंगे।
इसी लक्ष्य के लिए वो जम्मू कश्मीर की जेल।में शहीद हों गए थे।आज कृतज्ञ राष्ट्र उनको उनके जन्मदिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा है।
सलूजा ने कह की धारा 370 हटा मोदी ने डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्वप्न को साकार कर दिया है।
गजेंद्र सलूजा ने कहा कि। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद् थे उन्होंने शिक्षा के भारतीय कारण में अहमभूमिका निभाई।
उद्योगमंत्री के रूप में उन्होंने देश में लघु ,कुटीर तथा बड़े उद्योगों के विकास तथा विस्तार की नींव रखी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप ईश कुमार राणा, इंद्र मोहन आहूजा, वासुदेव नागपाल, पाशू लाल नागपाल, लखविंदर सिंह ,रमेश सलूजा, कृष्ण फ़ुटेला, जगत अरोड़ा, रोमी खूंगर तथा चिंटू राज पाल मौजूद रहे।

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