Thursday, April 30, 2026
Newspaper and Magzine


पेड न्यूज पर रहेगी मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की पैनी नजर

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 6, 2024 Tags: , , , , ,

-डीआईपीआरओ कार्यालय में स्थापित किया मॉनिटरिंग सैल
-विज्ञापन के लिए एमसीएमसी कमेटी से अनुमति लेनी जरूरी

BOL PANIPAT , 6 सितंबर। विधानसभा आम चुनाव-2024 को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य के चलते जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटी की पेड न्यूज पर पैनी नजर रहेगी। पेड न्यूज की निगरानी के लिए जिला सचिवालय स्थित डीआईपीआरओ कार्यालय में मॉनिटरिंग सैल स्थापित किया जा चुका है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाक्टर वीरेन्द्र कुमार दहिया द्वारा गठित एमसीएमसी सब कमेटी द्वारा न्यूज चैनल और समाचार पत्रों में पेड न्यूज की कड़ी निगरानी की जाएगी। समाचार पत्रों में यदि किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी की संभावित पेड न्यूज नजर आती है तो उसकी सूचना खर्च के ब्यौरे सहित संबंधित आरओ के पास भेजी जाएगी ताकि प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ी जा सके। विज्ञापन के लिए प्रत्याशी को एमसीएमसी कमेटी से परमिशन लेनी होगी।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला में विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से कराने के उद्देश्य के चलते डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. वीरेन्द्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में एमसीएमसी कमेटी का गठन किया जा चुका है, जिसमें सोशल मीडिया की निगरानी के लिए साइबर सेल के विशेषज्ञ भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। एमसीएमसी कमेटी द्वारा ही विज्ञापन की अनुमति प्रदान की जाएगी ताकि विज्ञापन का खर्च चुनावी खर्च ब्यौरा में शामिल किया जा सके।
इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में एमसीएमसी सब कमेटी का भी गठन किया गया है, जिसके द्वारा विशेषतौर पेड न्यूज की निगरानी की जाएगी। निगरानी को लेकर जिला  सचिवालय स्थित डीआईपीआरओ कार्यालय में एमसीएमसी सेल स्थापित कर दी गई है। समाचार पत्रों के साथ-साथ न्यूज चैनलों पर विज्ञापनों की निगरानी की जाएगी। यदि न्यूज चैनल या समाचार पत्र में कोई बिना अनुमति के विज्ञापन आता है तो उसकी सूचना भी एक्सपेंडीचर टीम के पास भेजी जाएगी, ताकि उसका खर्च संबंधित प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
  वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी ने एमसीएमसी कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि वे भारत निर्वाचन आयोग के हिदायतों अनुसार समाचार पत्रों में पेड न्यूज की बारीकी से निगरानी करें। इसके साथ-साथ न्यूज चैनलों की निगरानी होनी चाहिए। यदि कहीं पर भी किसी प्रत्याशी की पेड न्यूज नजर आती है तो उसकी सूचना तुरंत प्रभाव से नोटिस के माध्यम से नियमानुसार संबंधित आरओ को दी जाए। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार व राजनीतिक दल को चुनाव प्रचार से संबंधित सामग्री के प्रसारण से पूर्व एमसीएमसी कमेटी से प्रमाण पत्र लेना होगा वहीं प्रिंट मीडिया में मतदान से पहले व मतदान के दिन प्रकाशित होने वाले विज्ञापन का भी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। प्रचार सामग्री का प्रमाण पत्र लेने के लिए 48 घंटे पहले एमसीएमसी के पास प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा। एमसीएमसी कमेटी का कार्य पेड न्यूज पर कार्रवाई करना व मीडिया माध्यमों पर चुनावी विज्ञापनों के प्रकाशन व प्रसारण से पूर्व प्रमाण पत्र प्रदान करना है।

इस बारे में डीआईपीआरओ एवं एमसीएमसी कमेटी के सदस्य सचिव डा. सुनील बसताडा ने जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा आम चुनाव की पारदर्शिता के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा पेड न्यूज व राजनीतिक विज्ञापनों पर पैनी नजर रखी जा रही है। एमसीएमसी कमेटी के सदस्य एलईडी स्क्रीन व समाचार पत्रों के माध्यम से विधानसभा आम चुनाव के मद्देनजर पेड न्यूज व राजनीतिक विज्ञापनों की प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार एमसीएमसी कमेटी की चुनाव के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया पर सख्त मॉनिटरिंग रहेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति भ्रामक प्रचार सामग्री न डालें। साइबर सैल की सोशल मीडिया पर कड़ी नजर है। कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघन ना करें।

टोल फ्री नंबर 1950 पर कर सकते हैं आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना संबंधित शिकायत निष्पक्ष व शांतिपूर्ण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा टोल फ्री नंबर 1950 जारी किया हुआ है, जिस पर जिला में चुनावी प्रक्रिया से संबंधित शिकायत या जानकारी कर सकते हैं। इसके अलावा सी-विजिल एप (सिटीजन विजिल) के माध्यम से नागरिकों द्वारा भेजी जाने वाली आदर्श चुनाव आचार संहिता से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है।

Comments