“भव्यमयी शोभा से मनाया गया आई.बी.शिक्षण संस्थान का 78वां संस्थापना दिवस”
BOL PANIPAT : एक दिव्य प्रकाश का दिव्य हाथों से हुआ पदार्पण है, ज्योत से ज्योत सजी सज गया विद्यालय का प्रांगण है
झिलमिल सितारे करते आपको वंदन हैं।
दीपक की तरह जल कर दूसरों को प्रकाश देना हर किसी के बस की बात नहीं। परंतु जो ऐसा कर जाते है। वे जीते जी अमर होते हैं। बाद में भी अपना नाम रोशन कर जाते हैं। ऐसे थे सेठ’ इन्द्रभान ढींगड़ा । जिन्होंने पाकिस्तान में शिक्षा का जो दीपक जलाया था वह आज एक मशाल बनकर हजारों तरूण और तरूणियों का जीवनपथ आलोकित कर रहा है। एक नन्हा सा पौधा विभिन्न शाखाओं वाला वटवृक्ष बनकर अपनी सघन छाया में इस देश की नई पीढ़ी को जीने की कला सीखा रहा है।! कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पानीपत के विधायक प्रमोद कुमार विज तथा स्वामी श्री योगेश्वरानन्द पूरी जी, मुरथल से स्वामी दयानंद सरस्वती, हैदराबादी अस्पताल के प्रधान शंभुलाल लखीना , जाने माने राजनीतिज्ञ तथा समाज सेवी लोकेश नागरू तथा महेश रहेजा, युधिष्ठिर शर्मा, राजेश नागपाल, तेज प्रकाश गोयल तथा सुमित गोयल ने शिरकत की।

इसी शिक्षा के साथ सेठ’ इन्द्रभान ढींगड़ा को याद करते हुए आई.बी.(एल) शिक्षण संस्थान ने अपना 78वां संस्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन आई.बी.(एल) पब्लिक स्कूल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आई. बी. कॉलेज के प्रांगण में हवन आहुति द्वारा किया गया व् तत्पश्चात शिक्षण संस्थानों को आरम्भ करने वाले व अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले लैय्या समाज के दिवंगत समाजसेवियों को माल्यार्पण किया गया । इस अवसर पर संस्था के उप प्रधान परमवीर ढींगड़ा, सचिव रवि गोसाई,कार्यकारिणी सदस्य एल एन मिगलानी, रमेश नागपाल, अरूण बत्तरा तथा स्कूल प्रबंधक युधिष्ठिर मिगलानी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा आए हुए अतिथियों का रोली चंदन का तिलक लगा कर उनका सम्मान किया गया व सम्मानित मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। आई. बी. संस्था के सचिव रवि गोसाई ने शिक्षण संस्था की तरफ से आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। आई. बी. कॉलेज के प्राचार्य अजय गर्ग ने कॉलेज का वार्षिक प्रतिवेदन तथा प्रधानाचार्या जय श्री गर्ग ने आई.बी.स्कूल का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। दोनों ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दी और कहा कि हमारी शिक्षण संस्थाएं शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ बहुविध गतिविधियों के लिए हमेशा तत्पर है जिसके कारण विद्यार्थी प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन्द्रधनुषी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति में आई॰बी॰एल॰पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना, हरियाणवी नृत्य, नारी सशक्तिकरण पर नृत्य व पंजाब की शान भांगड़ा कर बच्चों ने कार्यक्रम को चार चॉंद लगाए। आई.बी.कॉलेज के बच्चों द्वारा तिकड़ी नृत्य, देशभक्ति गीत व हरियाणवी सामूहिक नृत्य किया।
अबेकस वैदिक मैथ में कौन बनेगा चैंपियन प्रतियोगिता में आई. बी. पब्लिक स्कूल के 8 विद्यार्थी विजेता रहे। जिसमें प्रथम स्थान पर दूसरी कक्षा के नैतिक ने एल.ई.डी. टी.वी. तथा द्वितीय स्थान पर कक्षा छठी से दिवांश ने म्यूजिक सिस्टम , तृतीय स्थान पर कक्षा तीसरी से मयंक, चतुर्थ स्थान पर कक्षा चौथी से जय को 1100 का नकद इनाम देकर सम्मानित किया। कक्षा पहली से प्रतीक , कक्षा पांचवी से डेजी, कक्षा सातवीं से सिया तथा आठवीं के रौनक को उपहार देकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि विधायक प्रमोद कुमार विज ने इस दिवस की सभी को बधाई दी। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अध्यापक और अभिभावक बच्चों का भविष्य बनाते हैं और वे स्वयं भीं राजकीय स्कूल में पढ़े। उन्होंने सेठ इन्द्रभान जी के जीवन के इस काम को सराहा कि ये संस्थान बना कर एक आदर्श स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने शहर से प्यार करें। विधायक बनने के बाद कॉलेज, वृद्ध आश्रम, अनाथ आश्रम आदि बनाने का आश्वासन दिया।
मुख्य अतिथि योगेश्वरनन्द पुरी जी अपने प्रवचन में कहा कि कोई भी इंसान तनमन्यता से कोई भी काम करे उसमें उसे सफलता अवश्य मिलती है उन्होंने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी नहीं वो हमारी राष्ट्रभाषा है, मातृभाषा वो होती है जो मॉं के द्वारा सिखाई जाती है। उन्होंने मातृभाषा का एक नारा दिया –“मातृभाषा संस्कार के लिए , हिंदी भाषा व्यवहार के लिए तथा अंग्रेजी भाषा व्यापार के लिए”। उन्होंने ये भी बताया कि हमारा पहला गुरु माता-पिता, दूसरा शिक्षक तथा तीसरा गुरु जो हमें आत्मिक ज्ञान दे। जहॉं उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद दिया, वहीं उन्होंने स्कूल को आर्थिक सहयोग भी दिया।
अस्वस्थ रहने के कारण संस्था के प्रधान धर्मवीर बत्तरा जी का संदेश उनके पुत्र अरुण बत्तरा जी द्वारा सुभाषित किया गया।
समारोह में कॉलेज की ओर मुख्य रूप से उपप्रधानाचार्या विद्यालय की तरफ से प्रशासनिक अधिकारी गोबिंद कालड़ा, उपप्रधानाचार्या मीना तनेजा उपस्थित रही। मंच संचालन अध्यापिका विनिता लूथरा व निधि ने संभाला। कमा सके तो इस दुनिया में इतना पुण्य कमाता चल, जिन गलियों में अंधकार हो,
दीपक वहां जलाता चल। इस धरती से नाम मिटा दे नफरत की दीवारों का, भर कर मुट्ठी दोनों हाथों,
सब पर प्यार लुटाता चल। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया। तत्पश्चात सबके लिए भोज व्यवस्था की गई।

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