Saturday, April 18, 2026
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जियो फेंसिंग आधारित लोकेशन उपस्थिति के विरोध मे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी राज्य के विधायको व सासदो को भेजेंगे ज्ञापन

By LALIT SHARMA , in HEALTH , at June 25, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 24 जून, जियो फेंसिंग उपस्थिति के विरोध में बहुउद्वेशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एशो0 तथा स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ द्वारा राज्य के सभी सासंदो व विधायको को ज्ञापन भेजे जायेगें यह जानकारी आज यहा जारी एक प्रैस विज्ञाप्ति मे बहुउद्वेशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एशो0 की प्रदेशाध्यक्ष शार्मिला देवी , महासचिव सहदेव आर्य, तथा स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर वर्मा , व उपप्रधान सुमित्रा देवी ने बताया कि इससे पूर्व 15 जून से 25 जून तक राज्य के सभी सिविल सर्जनो कार्यालय पर रोष सभाये करके सरकार को ज्ञापन भेजे जा चुके है। उन्होने सरकार द्वारा  जियो फेंसिंग लोकेशन आधरित उपस्थिति के आदेशो की निन्दा करते हुए इस गैर कानूनी एवं कर्मचारियो के मौलिक अधिकारो के हनन करने वाले निर्णय को तुरन्त वापिस नही लिया गया तो जूलाई माह मे राज्य के सभी  सासंदो व विधायको के माध्यम से ज्ञापन भेजकर सरकार से इस इस अव्यवहारिक आदेश को वापिस लेने की अपील की जायेगी और उसके उपरान्त भी कोई सकारात्मक कार्यवाही नही हुई तो अगस्त मे स्वास्थ्य मन्त्री के रेवाडी आवास पर रोष प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होने सरकार को चेताया कि विभाग के कुछ उच्च अधिकरी अनावश्यक फरमान जारी कर सरकार को बदनाम करने तथा सरकार व कर्मचारियो को बीच दरार पैदा करने का कार्य कर रहे है। उन्होने हैरानी प्रकट करते हुए बताया कि कोविड के दौरान जब ज्यादातर विभागो के अधिकारी व कर्मचारी जब घरो से बाहर नही निकल रहे थे, उस समय स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान पर खेलकर लोगो की जान बचाने का कार्य कर रहे थे और उस समय प्रधान मन्त्री सहित तमाम मन्त्रियो ने स्वास्थ्य कर्मियो पर फूल बरसाने का कार्य किया था परन्तु आज केवल स्वास्थ्य विभाग मे ही जियो फेंसिंग आधारित लोकेशन उपस्थिति लगाने के आदेश दिये जा रहे है।
      कर्मचारी नेताओ ने बताया कि इस गैर कानूनी एवं कर्मचारियो के मौलिक अधिकारो के हनन करने वाले निर्णय को तुरन्त वापिस लेने तथा स्वास्थ्य विभाग मे चिकित्सको व पैरामैडीकल के हजारो रिक्त पदो पर तुरन्त नियमित भर्ती करने की मांग की है। गौरतलब है कि भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा स्वास्थ्य विभाग मे चिकित्सको व पैरामैडीकल स्टाफ के हजारो रिक्त पदो पर चिन्ता जाहिर करते हुए अपनी 318 पेज की रिर्पोट जारी की है।  भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा जारी रिर्पोट मे एम0पी0एच0डब्लू0 के 3105 पदो मे से 924, बहुउद्वेशीय स्वास्थ्य सुपरवाईजर महिला के 594 मे से 276 तो पुरूष स्वास्थ्य सुपरवाईजर के 96 पद रिक्त है। रिर्पोट के अनुसार फार्मासिस्ट के 1156 मे से 657, उप सिविल सर्जन के 122 मे से 53, प्रवर चिकित्सा अधिकारी के 367 मे से 120, चिकित्सा अधिकारी के 4211 मे से 1217, डेन्टल सर्जन के 773 मे से 226, नर्सिग सिस्टर के 463 मे 339, स्टाफ नर्स के 4776 मे से 1365, पी0एच0एन0 के 176 मे से 152 एल0टी0 के 1302 मे से 669 रेडियोग्राफर के 389 मे से 302 तो आप्रेशन थियेटर अस्टिटैन्ट के 465 मे से 256 पद रिक्त। कर्मचारी नेताओ ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग मे जब इतनी भारी सख्या मे पद रिक्त होने से जहा स्वास्थ्य सेवाओ पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है वही पर वर्तमान कार्यरत चिकित्सको व स्वास्थ्य कर्मचारियो पर कार्य की अधिकता से दबाव बना रहता है। 

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