एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में प्रथम वर्ष में प्रवेश लिए विद्यार्थियों के लिए इन्डक्शन प्रोग्राम का आयोजन
-प्राचार्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्रोफेसर्स ने किया छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन
-कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा निति – 2020 से कराया अवगत
-नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवा पीढ़ी की शिक्षा को कौशल युक्त बनाकर बेरोजगारी उन्मूलन का एक कारगर उपाय: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT, 1 अगस्त. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विज्ञान, वाणिज्य और आर्ट्स प्रथम वर्ष में प्रवेश लिए नए विद्यार्थियों के लिए इन्डक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमे प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्रोफेसर्स के साथ मिलकर छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें मौजूदा सत्र में कॉलेज में होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं खेल-कूद की गतिविधियों, लाइब्रेरी, क्रीडा क्षेत्र, कैंटीन, सेमिनार हाल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और कॉलेज में अनुशासन रखने सम्बन्धी विस्तृत जानकारी दी । इस अवसर पर कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल ने भी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद दिया उपस्तिथ रहे । इस अवसर पर महाविद्यालय में सत्र 2024-25 की शैक्षणिक, खेल=कूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी दिखाई गयी ।.मंच संचालन अंग्रेजी विभाग की अध्यापिका डॉ. मोनिका खुराना ने किया । उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्ष विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देकर उनके व्यक्तित्व के विकास के प्रयास किये जायेंगे ।

डॉ अनुपम अरोड़ा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को नए पाठ्यक्रम के अनुसार लागु कर दिया गया है । इस शिक्षा नीति के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी मनपसंद के विषय चुनने की आजादी है और इसके लिए गठित समितियों की ओर से मल्टीपल च्वाईस के कई एक्टिविटी एवं स्किल्ड कोर्स तैयार किए गए हैं । इसके लिए प्रथम सत्र में पर्यावरण, संस्कृति, मानव मूल्य, महिला नैतिकता, संचार कौशल और कंप्यूटर की शुरुआती पढ़ाई इत्यादि को शामिल किया गया है । प्राचार्य ने विद्यार्थियों को कॉलेज में होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं खेल-कूद की गतिविधियों में हिस्सा लेने को प्रेरित किया । उन्होनें विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी कि टीचर-मेंटर के माध्यम से वे अपनी किसी भी शिकायत या परेशानी का निवारण कर सकते है । उन्होनें विद्यार्थियों को एसडी पीजी कॉलेज में दाखिला लेने पर बधाई दी और कहा कि उन्हें यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी जिसमे उनमें मूल्यों और संस्कारों का भी समावेश होगा । उन्होनें कहा कि छात्राओं को कॉलेज कैंपस में पूर्ण सुरक्षा मिलेगी और किसी भी अनुशासनहीनता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । देश के विख्यात सभी वैज्ञानिक ग्रामीण और अभावयुक्त पृष्ठभूमि से आये है और ऐसे में हर छात्र को इस बात पर फक्र होना चाहिए कि उसे शहर के एक कॉलेज में पढने का अवसर मिला है । जिस छात्र को खुद पर यकीन है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है । शिक्षा का अर्थ मात्र पैसा कमाना नहीं होता है बल्कि शिक्षा हमें सही-गलत का फर्क करना सिखाती है । शिक्षा हमें एक अच्छा और नेक इंसान बनाती है । संस्कारयुक्त शिक्षा के परिणाम अधिक सुन्दर होते है । उन्होनें छात्र-छात्राओं को धर्म और जाति से ऊपर उठकर खुद को इस देश का अच्छा नागरिक बनने का आह्वान किया । कॉलेज के लिए हर छात्र-छात्र समान है और सारी सुविधाए सभी के लिए है । उन्होनें वाणिज्य एवं विज्ञान में छुपी अपार संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया और कहा कि उन्होनें किसी ऐसे कोर्स या पाठ्यक्रम को भी चुनना है जिसकी औद्योगिक नगरी पानीपत में मांग है । मेंटर की भूमिका और उपयोगिता पर बोलते हुए उन्होनें कहा कि अपने सपनों को पूरा करने तथा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक सलाहकार का होना नितांत आवश्यक है और यह एक भाई, बहन, अध्यापक या मित्र कोई भी हो सकता है । यही कार्य एक मेंटर करता है । मेंटर हमें सही मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन देता है । वह हमारी क्षमताओं की सीमाओं को एक नए तरीके से आगे बढाता है तथा हमारे लक्ष्यों को पूर्ण करने की ओर पहला कदम उठाता है । वह लगातार हमें प्रोत्साहित करके हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता रहता है जिससे हमारा सर्वोत्तम प्रदर्शन सामने आ पाता है । मेंटर-टीचर विद्यार्थियों के पथ में उनको सही मार्गदर्शन तथा सहायता प्रदान करता है ।

दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि प्राचीन समय से ही शिक्षक सही दिशा में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित तथा मार्गदर्शित करते आ रहे हैं । वे न केवल सही कैरियर चयन में हमारी सहायता करते हैं बल्कि एक अच्छा इंसान बनने की शिक्षा भी देते हैं । वे विद्यार्थियों को अनुशासित करने के साथ-साथ शिक्षा के माध्यम से उनका मार्गदर्शन करते हैं ।
डॉ संतोष कुमारी ने कहा कि विद्यार्थी कैरियर, कोर्सेज हेतू विस्तृत सलाह केवल अपने शिक्षकों से ले सकते है और इसी उद्देश्य हेतु इस इन्डक्शन प्रोग्राम को आयोजित किया गया है । यह प्रोग्राम विद्यार्थियों को उचित निर्णय लेने में और नई शिक्षा नीति को समझाने में सहायक सिद्ध होगा ऐसी उन्हें आशा है ।
विशाल गोयल कोषाध्यक्ष ने कहा कि चूंकि देश की आबादी का 65% युवाओं का है इसलिए वे ही औद्योगिक क्षेत्र में राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं ।
डॉ प्रियंका चांदना ने कहा कि आज भारत सरकार ने देश के युवाओं को कौशल वृद्धि और विकास कार्यक्रम प्रदान करने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की स्थापना की है जिसका फायदा कॉलेज में पढने वाले हर विद्यार्थी को मिलेगा ।

कॉमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में अनेक क्षेत्रों में विविध संभावनाए हैं । आधुनिक समय तकनीकी का समय है । उन्होनें आश्वासन दिया कि महाविद्यालय विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमता विकसित करने का प्रयास करेगा । उन्होंने आधुनिकता के दौर में विद्यार्थियों को अपने संस्कारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्रोफेसर्स ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनके मन में व्याप्त जिज्ञाशाओं एवं प्रश्नों के उत्तर दिए जिनमे डॉ. संतोष कुमारी, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, शामिल रहे ।

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