आज का पंजीकरण, कल की राहत और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी, 31 जुलाई से पहले कराए पंजीकरण: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
खाद से लेकर मुआवजे तक हर सुविधा का आधार मेरी फसल मेरा ब्योरा
फसल की सुरक्षा और किसान का अधिकार, मेरी फसल मेरा ब्योरा
प्राकृतिक आपदा हो या सरकारी सहायता, ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पंजीकरण बना अनिवार्य
BOL PANIPAT , 26 जुलाई। जिले के किसानों के हितों की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसानों से आह्वान किया है कि वे 31 जुलाई तक अपनी खरीफ फसलों का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा (एमएफएमबी)’ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करवा लें।
उपायुक्त ने कहा कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की फसल, अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा का मजबूत आधार है।
उपायुक्त डॉ. हरीश ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है और इन सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “आज किया गया पंजीकरण भविष्य में किसान की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है। प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा अथवा किसी अन्य कारण से फसल को नुकसान होने की स्थिति में मुआवजा एवं राहत सहायता तभी मिल सकेगी, जब किसान का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज होगा। इसलिए कोई भी किसान इस महत्वपूर्ण कार्य को अंतिम समय तक न टाले।”

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन योजनाओं का लाभ तभी मिल पाएगा जब किसान समय पर अपना पंजीकरण पूरा करेंगे। उन्होंने किसानों से स्वयं पंजीकरण कराने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
उप कृषि निदेशक डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि कृषि विभाग के निर्देशानुसार अब उर्वरकों (खाद) का वितरण भी ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही किया जाएगा। इसलिए किसान समय रहते अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें ताकि उन्हें खाद की उपलब्धता सहित कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।
उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को पंजीकरण कराने में किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह अपने संबंधित कृषि अधिकारी, खंड कृषि कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा अटल सेवा केंद्र से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई, 2026 से पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं, उर्वरकों की उपलब्धता, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत एवं मुआवजा सहित सभी सुविधाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के प्राप्त हो सके।

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