Tuesday, September 1, 2026
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आर्य महाविद्यालय में हुआ ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ विषय पर सेमीनार का आयोजन 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 8, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT – सोमवार 8 सितंबर, आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कानूनी प्रकोष्ठ व ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह मुक्त भारत व बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाऐं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाऐं विषयों पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार में मुख्य वक्ता के तौर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत की ओर से पैनल अधिवक्ता शमा, पैरा-लीगल वॉलंटियर शिखा एवं पीड़ित सहायता समन्वयक काजल ने शिरकत की। कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता व उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने मुख्य वक्ता का कॉलेज प्रांगण में पंहुचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह सभ्य समाज के लिए एक अभिशाप है। इसकी रोकथाम के लिए समाज के सभी तबकों को मिलकर काम करना होगा। हमारे नवयुवा इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को समाज में जागरूकता के माध्यम से खत्म किया जा सकता है और इसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने बताया कि हम सभी का कर्तव्य ऐसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जमीनी स्तर पर बदलाव लाना है, जिससे हर बच्चे को सुरक्षित और सशक्त वातावरण मिल सके।

मुख्य अधिवक्ता क्षमा ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करता है और उनके विकास को बाधित करता है। समाज के हर एक वर्ग को बाल विवाह जैसी प्रथा को समाप्त करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होनें सेमीनार में विद्यार्थियों को कानूनी शिक्षा से अवगत कराया और उन्हें कानूनी साहित्य भी उपलब्ध करवाया। इससे भविष्य में वह कानूनी शिक्षा को ग्रहण करते हुए सफल एवं नेक इंसान बनेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग का दायित्व है की प्रत्येक बच्चे के लिए विधिक सेवा सहित सभी अवसर खोले जाएँ ताकि उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास हो तथा उनकी क्षमता का शारीरिक, मानसिक, नैतिक व आघ्यात्मिक विकास हो। साथ ही अंत में उन्होनें ऐसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने की शपथ दिलाई।

पैरा-लीगल वॉलंटियर शिखा एवं पीड़ित सहायता समन्वयक काजल ने कहा कि जिला प्राधिकरण लगातार समाज को बाल विवाह के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है और उन्हें बाल विवाह जैसे कानूनी अपराध के मापदंडों से अवगत करा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाने में लगे हैं जो समाज को बेहतरी की तरफ लेकर जाएगा। बाल विवाह ना हो यह जिम्मेदारी हम सभी की बनती है। इसके लिए हमें अपने स्तर पर प्रयास करके बाल विवाह मुक्त जिले का निर्माण कर सकते है।

इस अवसर पर उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. विजय सिंह, प्राध्यापिका सुमन सिंगला, मानवी, प्रो. अमित कुमार, सुनील पहल सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहें।

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