Tuesday, February 10, 2026
Newspaper and Magzine


एसडी पीजी कॉलेज के खिलाडियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर जोनल तायक्वोंडो और पूमसे में एक स्वर्ण सहित झटके पांच मैडल

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL SPORTS , at February 16, 2022 Tags: , , , ,

कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर जोनल सॉफ्टबॉल (महिला) टूर्नामेंट में कॉलेज टीम ने जीता रजत पदक 

  दस खिलाडियों का आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए चयन, रचा इतिहास

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज के खिलाडियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में आयोजित विभिन्न क्रीडा प्रतिस्पर्धाओं में शानदार खेल दिखाकर तहलका मचा दिया. हाल ही में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल सॉफ्टबॉल (महिला) की चैंपियन बनी कॉलेज की टीम ने इंटर जोनल में भी अपने शानदार खेल को जारी रखा और रजत पदक पर कब्ज़ा किया. सॉफ्टबॉल की टीम ने एक तरफ़ा लीग मुकाबलों में खालसा कॉलेज यमुनानगर एवं पूंडरी कॉलेज की टीमों को हराया. महिला सॉफ्टबॉल टीम से 5 खिलाडियों का आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए चयन हो गया है. इसी प्रकार इंटर जोनल तायक्वोंडो एवं पूमसे चैंपियनशिप में शानदार खेल के दम पर एक गोल्ड मैडल सहित कुल पांच मैडल एसडी कॉलेज के खिलाडियों ने झटके. तायक्वोंडो में सरजन ने शानदार खेल दिखाते हुए 63 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मैडल पर कब्ज़ा किया. मनीष ने भी 58 किलोग्राम भार वर्ग में बढ़िया खेल के दम पर कांस्य पदक जीता. इसी प्रकार मनीष, सरजन और आकाश ने इंटर जोनल पूमसे में रजत पदक हासिल किया. सॉफ्टबॉल टीम की 5 खिलाडियों और तायक्वोंडो एवं पूमसे के पदक विजेताओं समेत कुल 10 खिलाडियों का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए हो गया जो कॉलेज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. मनीष, सरजन, आकाश सहित महिला सॉफ्टबॉल टीम का कॉलेज पहुँचने पर स्वागत एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, कोच शरीफ, ग्राउंड्स मैन प्रताप और अन्य प्राध्यापकों ने किया. विदित रहे की सरजन समेत कई अन्य खिलाड़ी पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मैडल जीत चुके है.    

        एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि वो दिन गए जब अभिभावक अपने बच्चों को खेलने-कूदने से रोकते थे. आज के समय में खेलो में भाग लेने से हमें बहुत फायदे मिलते है. व्यक्ति का रूप और स्वरूप खेलो से ही बनता और निखरता है. खेल के मैदान और मुकाबले में हर खिलाड़ी अगर लगन के साथ भाग ले तो न सिर्फ हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि परस्पर प्यार और सदभाव में भी वृद्धि होती है. अच्छे खिलाडी ख्याति तो प्राप्त करते ही है बल्कि खेलों के माध्यम से अपनी आजीविका और पैसा भी कमा सकते है. तायक्वोंडो, पूमसे और सॉफ्टबॉल की टीम के शानदार प्रदर्शन पर उन्हें गर्व की अनुभूति हुई है.  

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी खिलाड़ियों की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इन खिलाड़ीयो की उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है. एक साथ 10 खिलाडियों का आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिएचयन एक बड़ी उपलब्धि है. ये खिलाड़ी न सिर्फ खुद के जीवन में सफल होंगे बल्कि इनकी सफलता दूसरे विद्यार्थियो को भी प्रेरित करेगी. इंटर जोनल में मैडल जीतने का एक अलग ही अनुभव और गौरव है. सरजन, मनीष तो राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी खुद को स्थापित कर गोल्ड मैडल जीत चुके है.

डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष ने कहा पूमसे शब्द आमतौर पर मुद्रा का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है. 1988 के सियोल ओलंपिक में तायक्वोंडो को एक प्रदर्शन कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया गया था जो अत्यधिक आकर्षक लगा. 2000 के ओलंपिक के बाद से यह तीन मार्शल आर्टस में से एक ओलंपिक खेल रहा है. 2010 के बाद  इसे कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वीकार कर लिया गया. इस खेल में कॉलेज के खिलाडियों ने अच्छा प्रदर्शन करके मिसाल पेश की है. ताइक्वांडो का अर्थ है लात और मुक्का मारने की कला और यह एक प्रमुख आत्मरक्षा तकनीक है जिसकी उत्पत्ति कोरिया में हुई. ताइक्वांडो मार्शल आर्ट का एक बहुत ही व्यवस्थित तरीका है और इसमें महारथ हासिल करने के लिए खूब सारे अनुशासन की आवश्यकता होती है.   

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, कोच शरीफ, ग्राउंड्समैन प्रताप आदि मौजूद रहे.

Comments