कम्युनिस्ट नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फैंकने के प्रयास की निंदा की .
BOL PANIPAT : 13 अक्तूबर केन्द्र व राज्य में भाजपा के शासन के चलते देश व राज्य में दलितों, पिछड़ों और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है यहां तक कि अनुसूचित जाति से सम्बन्धित उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के साथ भी खुले तौर पर भेदभाव तेज हो गया है। सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप एवं सीपीआई की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य व जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने आज यहां जारी एक विज्ञप्ति यह विचार व्यक्त किये।
कम्युनिस्ट नेताओं ने कहा कि गत दिनों सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फैंकने के प्रयास की निंदनीय घटना हुई थी। उस निंदनीय घटना के बाद हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ए डी जी पी वाई पूरण कुमार को जातिगत प्रताड़ना के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समझती है कि दिवंगत वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या नही की बल्कि यह संकीर्ण मानसिकता रखने वाले उच्च अधिकारियों द्वारा की गई हत्या है। कामरेड कश्यप ने कहा कि उनके सुसाइड नोट में उल्लेखित तमाम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीपीआई इस केस की हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायधीश की देखरेख में जांच करने की मांग करती है।
कामरेड पवन कुमार सैनी ने कहा कि कल करनाल में हुई सीपीआई की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी की बैठक में दिवंगत आई पी एस अधिकारी वाई पूरण कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और भाजपा आर एस एस की छत्रछाया में जातिवादी, मनुवादी शक्तियों द्वारा दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों एवं महिलाओं पर बढते अत्याचारों की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं जनवादी ताकतों के साथ मिलकर वाई पूरण कुमार के परिवार को न्याय के लिए संघर्ष करेगी।

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