Thursday, April 30, 2026
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‘परीक्षा की तैयारी के तनाव और चिंता से निपटना: विद्यार्थियों के लिए रणनीतियाँ’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 20, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय की करियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा ‘परीक्षा की तैयारी के तनाव और चिंता से निपटना: विद्यार्थियों के लिए रणनीतियाँ’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार की मुख्य वक्ता काउंसलर मनीषा आहुजा रही। प्राचार्य प्रो जगदीश गुप्ता द्वारा उनके व उनकी टीम का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। प्रो जगदीश गुप्ता ने इस सेमीनार में सफल आयोजन के लिए करियर गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज प्राध्यापिका आस्था गुप्ता, समन्वयक रजनी शर्मा, एन एस एस प्रकोष्ठ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ मनीषा डुडेजा व समन्वयक प्रो पंकज चौधरी को बढ़ाई दी।
काउंसलर मनीषा आहुजा ने छात्र छात्राओं के परीक्षा के तनाव और चिंता को कम करने के लिए, एक सुव्यवस्थित अध्ययन योजना और सक्रिय शिक्षण के माध्यम से तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान, पर्याप्त नींद लेने, स्वस्थ आहार लेने और व्यायाम करके अपनी देखभाल को प्राथमिकता दें। परीक्षा के दौरान चिंता को नियंत्रित करने के लिए, गहरी साँस लेने जैसी विश्राम तकनीकों का उपयोग करें, और तुलनाओं से बचकर और सकारात्मक सोच के साथ शांत और केंद्रित रहने का प्रयास करें।

अत्यधिक चिंता के कारण लोग कभी-कभी जीवन की अन्य महत्वपूर्ण चीज़ों, जैसे बुनियादी ज़रूरतों, शौक, रिश्तों और आराम को भूल जाते हैं। परीक्षा की तैयारी करते समय, पढ़ाई, खाने, ब्रेक लेने, दोस्तों के साथ समय बिताने और अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए समय निर्धारित करने का प्रयास करें। इससे आपको परीक्षा के समय थकान या पूरी तरह से थकावट महसूस करने से बचने में मदद मिल सकती है
देर से पहुँचने से परीक्षा में पहुँचने से पहले ही चिंता बढ़ सकती है। अपने सामान्य समय पर निकलने के बजाय, 10 से 15 मिनट पहले अलार्म लगाएँ, ताकि आप पर्याप्त समय बचा सकें। जल्दी पहुँचने का मतलब है कि परीक्षा शुरू होने से पहले आपके पास अपने नोट्स देखने, अपनी सामग्री तैयार करने और अपने मन को शांत करने के लिए अधिक समय होगा।

परीक्षा के दौरान होने वाला तनाव और चिंता स्वाभाविक है, लेकिन सही रणनीतियों से इसे संभाला जा सकता है। सबसे पहले, नियमित रूप से पढ़ाई का समय तय करें और बीच–बीच में छोटे विराम लेते रहें ताकि मन तरोताज़ा बना रहे। कठिन विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर पढ़ें और आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक या दोस्तों से मदद लें। पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और हल्की शारीरिक गतिविधि भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। परीक्षा से पहले गहरी साँस लेना, सकारात्मक सोच रखना और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चिंता को कम करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

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