नितेश कुमार ने कुश्ती में गोल्ड जीत पाए 7 लाख रुपये और भतेरी ने योग में गोल्ड और सिल्वर मैडल के बूते पर जीती 12 लाख रुपये की धनराशी
–एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ियों ने गोवा में आयोजित 37वे राष्ट्रीय खेलों (नेशनल गेम्स) में गोल्ड मैडल जीत मचाया तहलका, कुल 19 लाख रुपये की धनराशी हासिल कर कॉलेज के लिए रचा स्वर्णिम इतिहास
–नितेश और भतेरी जैसे खिलाड़ी सम्पूर्ण प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत: दिनेश गोयल
पानीपत, 07 दिसम्बर.
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो खिलाड़ियों ने गोवा में आयोजित 37वें राष्ट्रीय खेलों (नेशनल गेम्स) में गोल्ड मैडल जीतकर कुल 19 लाख रुपये की धनराशी हासिल कर कॉलेज के लिए एक नया स्वर्णिम इतिहास लिखा और सम्पूर्ण प्रदेश में तहलका मचा दिया । नितेश कुमार ने कुश्ती के 97 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मैडल पर कब्ज़ा करते हुए 7 लाख रुपये की धनराशी प्राप्त की । भतेरी ने योग की तालबद्ध विधा में स्वर्ण और कलात्मक विधा में रजत पदक जीत कर कुल 12 लाख रुपये की धनराशी हासिल की । इन दोनों खिलाड़ियों के साथ-साथ बीए प्रथम वर्ष का छात्र अमन भी राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में 5 स्वर्ण और एशियाई चैंपियनशिप में एक रजत पदक जीत चुका है । विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के अलावा नितेश ने राष्ट्रीय और खेलो इंडिया में भी क्रमश: एक स्वर्ण और रजत पदक हासिल किया है । तीनों ही खिलाड़ियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य, स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया । कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने विशेषतौर पर तीनों खिलाड़ियों, डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रजनी देवी, कोच अंकुश और ग्राउंड्समैन प्रताप सिंह के प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की । विदित रहे कि नितेश, भतेरी और अमन इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के दम पर अपना लोहा मनवाते आ रहे है । राष्ट्रीय खेलों (नेशनल गेम्स) का आयोजन हर तीन वर्ष के बाद किया जाता है ।
बीए तृतीय वर्ष के छात्र नितेश कुमार ने मात्र 9 वर्ष की आयु से ही कुश्ती के खेल को अपनाया था । नितेश अब तक 17 बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है और इनमें उसने 9 बार स्वर्ण, 2 बार रजत और 5 बार कांस्य पदक हासिल किये है । नितेश 3 बार विश्व चैंपियनशिप में भाग ले चुका है जिसमें उसने एक कांस्य पदक हासिल किया है । एशियाई चैंपियनशिप में 3 बार भाग लेकर नितेश ने एक रजत और एक कांस्य पदक पर कब्ज़ा किया है । हरियाणा में आयोजित खेल महाकुम्भ में यह खिलाड़ी दर्जनों पदक हासिल कर चुका है । नितेश के पिता डायरी के संचालक है और नितेश का स्वप्न 2024 में होने वालें ओलिंपिक खेलों में अपने देश के लिए खेलना है और इसके लिए वे जी-जान से मेहनत कर रहे है । वर्ष 2022 में भी गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय खेल में नितेश ने स्वर्ण पदक हासिल किया था ।

ऊंटला ग्राम की रहने वाली बीए प्रथम वर्ष की छात्रा भतेरी ने 12 वर्ष की आयु में योग साधना को अपनाया और गोवा में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में दो पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया । भतेरी अब तक 9 बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है और उन्होनें एक बार स्वर्ण, एक बार रजत और 4 बार कांस्य पदक हासिल किया है । राज्य और जिला स्तरीय योग प्रतियोगिताओं 9 बार हिस्सा लेकर उन्होनें गोल्ड और सिल्वर मैडल जीते है । 36वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता जिसका आयोजन 2022 में गुजरात में हुआ में भी भतेरी शानदार खेल के बल पर कांस्य पदक झटका था । भतेरी का चयन अब सीनियर नेशनल चैंपियनशिप और आल इंडिया इंटरयूनिवर्सिटी के लिए हो गया है जो कॉलेज और प्रदेश के लिए गौरव का पल है.
अमन कुश्ती में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित कर चुका है और वह 2 किर्गीस्तान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुका है । इसके अलावा अमन तुर्की और इटली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग ले चुका है । राष्ट्रीय स्तर पर अमन ने एक स्वर्ण, एशियाई चैंपियनशिप और खेलो इंडिया में एक रजत पदक हासिल किया है ।
एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि आज के समय में खेलो में भाग लेने के हमें अनेकों फायदे मिलते है । व्यक्ति का रूप और व्यक्तित्व खेलो से ही बनता और निखरता है । खेल के मैदान और मुकाबले में हर खिलाड़ी अगर लगन के साथ भाग ले तो न सिर्फ हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि परस्पर प्यार और सदभाव में भी वृद्धि होती है । माता-पिता आज भी चाहतें हैं कि उनका बेटा या बेटी खिलाड़ी की जगह डाक्टर-इंजिनियर बने परन्तु नितेश, भतेरी और अमन की जीत ने खेल के महत्व को समाज में एक बार फिर स्थापित किया है । कॉलेज ऐसे खिलाडियों का निरंतर मार्गदर्शन करता रहेगा । तनाव और अवसाद से भरी आज की आधुनिक जीवन शैली में खेल ही हमें स्वस्थ और तनावमुक्त रख सकतें है । कुश्ती और योग एक तपस्या है और जो इसमें जितनी अधिक मेहनत करेगा उतनी ही सफलता उसे मिलेगी । कुश्ती और योग सोने की तरह होते है जिसे जितना अधिक तपायेंगे उतना ही निखार इनमें आएगा ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने आशीर्वचन में नितेश, भतेरी और अमन की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धि कॉलेज के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण और स्वर्णिम स्थान रखती है क्योंकि इससे न सिर्फ इन खिलाड़ियों के जीवन में सफलता आएगी बल्कि इससे दूसरे विद्यार्थियों को भी भरपूर प्रेरणा मिलेगी । राष्ट्रीय स्तर पर मैडल और इतनी बड़ी धनराशी प्राप्त करना बहुत बड़ी उपलब्धि है । राष्ट्रीय खेल एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है और इसमें भाग लेना मात्र ही हर खिलाड़ी का सपना होता है । परन्तु भतेरी और नितेश ने तो मैडल प्राप्त करके एक नई बुलंदी को छुआ है । तीनों खिलाड़ी जल्द अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करे यही उनकी कामना है ।
डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा ने कहा कि कॉलेज के इतिहास में दो खिलाड़ियों के दमपर इतनी बड़ी धनराशी कभी भी जीतकर नहीं लायी गई है । यह एक विलक्ष्ण उपलब्धि है । यह पुरे हरियाणा प्रदेश के लिए ही एक गर्व का पल है । पानीपत के ग्रामीण आँचल में पल-बढ़कर भी इन दोनों खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि सफलता किसी शहर या सुविधा की मोहताज नहीं होती है । मेहनत, लगन और जूनून का कोई विकल्प नहीं है ।
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राहुल जैन, प्रो प्रवीण कुमारी, डॉ भारती गुप्ता, प्रो सतीश अरोड़ा, चिराग सिंगला आदि भी मौजूद रहे ।

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