कड़ाके की ठंड में पशुओं की देखभाल जरूरी: डॉ. अशोक लोहान
BOL PANIPAT , 6 दिसंबर। बढ़ती शीतलहर ने जहां आम जनता को प्रभावित किया है, वहीं पशुओं के लिए भी यह मौसम गंभीर चुनौती बनकर सामने आया है। इसी को लेकर पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार लोहान ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि नवजात, बूढ़े और गर्भवती पशु ठंड के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी उनके लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
डॉ. लोहान ने कहा कि बाड़े को सूखा और गर्म रखना इस मौसम में सबसे पहला कदम होना चाहिए। तिरपाल या बोरे से हवा रोकने और पराली, पुआल या लकड़ी के बुरादे की सूखी बिछावन बिछाने से पशुओं को काफी राहत मिलती है। दिन के समय उन्हें धूप में रखना और शाम होते ही अंदर कर लेना भी महत्वपूर्ण है।
डॉ अशोक ने बताया कि ठंड के दौरान गुनगुना पानी पिलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस मौसम में ठंडा पानी बीमारियों को बढ़ावा देता है। साथ ही मक्का, बाजरा, खली, चोकर और मिनरल मिक्सचर जैसे पौष्टिक आहार और गुड़-खनिज मिश्रण देना चाहिए ताकि प्रतिरोधक क्षमता बढ़े।
उन्होंने बताया कि आग जलाते समय सावधानी बरते। धुआं पशुओं के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए उन्हें इससे दूर रखें।
उन्होंने चेताया कि यदि पशु में कांपना, सुस्ती या नाक से पानी आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

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