Monday, August 31, 2026
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“100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत” के तहत आज समालखा ब्लॉक के रॉक्सेडा गांव में महिलाओं और बापौली ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को किया गया जागरूक।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at December 11, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : पानीपत जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिवसीय जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता के निर्देशन में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से एमडीडी ऑफ इंडिया टीम ने महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित किया।
समालखा के रॉक्सेडा गांव में अलग अलग मोहल्लों में महिलाओं को जागरूक करते हुए सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता दीपिका ने महिलाओं को बाल विवाह से होने वाले स्वास्थ्य के नुकसान और बच्चों के अधिकारों के हनन के बारे में बताया।
वहीं बापौली ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गांव सिवाह में संबोधित करते हुए सीडीपीओ लक्ष्मी ने बाल विवाह और घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों एवं दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी तथा उपस्थित कार्यकर्ताओं को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलवाई। बाल विवाह के खतरों, रोकथाम के उपायों और संबंधित कानूनों पर विस्तृत जानकारी दी।
एमडीडी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि अभियान के तहत जिले के 100 गांवों में स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। गांवों में बाल कल्याण समितियां भी गठित की जा रही हैं ताकि बाल विवाह की रोकथाम को और मजबूत किया जा सके। प्रशासन ने पुजारी, पाठी, पंच-सरपंच, नंबरदार, नगर पार्षद, बैंक्वेट हॉल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला, कार्ड प्रिंटिंग, फोटोग्राफर, बैंड-बाजा और टेंट हाउस संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि विवाह से पूर्व दूल्हा-दुल्हन की आयु की अनिवार्य जांच करें और किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना दें। कानून के अनुसार लड़की की न्यूनतम वैवाहिक उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है। इससे कम उम्र में विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए 2 वर्ष तक की कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। झूठी शिकायत पर भी कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह की सूचना 112, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), पुलिस थाने या आंगनवाड़ी वर्कर को दी जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से पानीपत को जल्द ही बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकेगा।
इस मौके पर सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पायल, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता दीपिका, सीडीपीओ लक्ष्मी, सुपरवाइजर मीना, शीला, सुषमा, पोषण कॉर्डिनेटर रीना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोनिया, पूनम, पुष्पा उपस्थित रही।

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