Wednesday, April 22, 2026
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सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ‘सीपीआर (CPR) और फर्स्ट एड ट्रेनिंग’दी गयी.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 19, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी.पी.जी. कॉलेज की एनएसएस यूनिट द्वारा गांव खोतपुरा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। दिन का शुभारंभ स्वयंसेवकों द्वारा ‘वंदे मातरम’ के गायन और योगाभ्यास के साथ हुआ।

शिविर के पांचवें दिन का मुख्य सत्र ‘सीपीआर (CPR) और फर्स्ट एड ट्रेनिंग’ पर आधारित रहा। इसमें सोनिया ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक,एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी खुशबू, डॉ. नीतू और प्राध्यापक कुलदीप ने मुख्य वक्ता को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। कॉलेज प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) वह तात्कालिक सहायता है जो किसी व्यक्ति को अचानक बीमारी या चोट लगने पर दी जाती है, जब तक कि डॉक्टर या अन्य चिकित्सा पेशेवर मदद नहीं पहुंचाते। सीपीआर और प्राथमिक उपचार के बारे में ज्ञान होना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है ।

सोनिया ने स्वयंसेवकों को जीवनरक्षक तकनीक कार्डियोपुल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि:
  आपातकालीन स्थिति में मरीज को सपाट सतह पर लिटाकर छाती के बीच में 100-120 बार प्रति मिनट की गति से दबाव देना चाहिए।
 यदि आवश्यक उपकरण हो, तो 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार कृत्रिम सांसें देनी चाहिए।
  यह प्रक्रिया चिकित्सा सहायता मिलने तक निरंतर जारी रखनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिक उपचार (First Aid) किसी भी दुर्घटना के समय जीवन बचाने की पहली कड़ी है, जो स्थिति को बिगड़ने से रोकती है।
दोपहर के सत्र में स्वयंसेवकों ने गांव खोतपुरा में घर-घर जाकर ‘नशा निषेध अभियान’ चलाया। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि नशे से लिवर सिरोसिस, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके पश्चात, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए “प्लास्टिक मुक्त गांव” रैली निकाली गई। स्वयंसेवकों ने “प्लास्टिक हटाओ-जीवन बचाओ” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों को प्लास्टिक का उपयोग न करने का आग्रह किया।

सायँ काल सत्र में स्वयंसेवकों के बीच विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। उसके बाद नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पूरे दिन के सफल आयोजन में डॉ. नीतू और प्राध्यापक कुलदीप का विशेष मार्गदर्शन रहा।

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