अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को दे सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण से प्रशासन की साख और हुई मजबूत
-प्रशासन की संवेदनशीलता से बढ़ा जनता का भरोसा, मुख्यमंत्री की पहल ला रही रंग
-समाधान शिविर में प्रशासनिक अमला सक्रिय, जनता की शिकायतों पर हो रहा ठोस एक्शन
BOL PANIPAT , 5 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की दिशा में शुरू की गई पहल अब धरातल पर असर दिखाने लगी है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले और उपमंडल स्तर पर आयोजित किए जा रहे जनता समाधान शिविर आमजन के लिए राहत का केंद्र बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल वर्षों से लंबित शिकायतों का समाधान हो रहा है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की खाई भी तेजी से कम हो रही है।
इसी कड़ी में गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया की अध्यक्षता में जनता समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में पहुंचे आम नागरिकों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा है कि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। समाधान शिविर इसी सोच का सशक्त माध्यम है। प्रशासन का दायित्व केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की पीड़ा को समझकर त्वरित समाधान देना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि वीरवार को प्राप्त शिकायतों में फैमिली आईडी, पेंशन, राशन कार्ड और पुलिस से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से जुड़ी 21 समस्याएं सामने आई हैं। सभी मामलों को विभागवार चिन्हित कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी पात्र नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उपायुक्त डॉ दहिया ने यह भी स्पष्ट किया कि समाधान शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों से जुड़ा एक गंभीर मंच है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. संजय ने समाधान शिविर में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नगर निगम से जुड़ी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जलभराव, सफाई, सीवरेज और सडक़ जैसी बुनियादी समस्याओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाधान शिविर में आई प्रत्येक शिकायत प्रशासन की जिम्मेदारी है। अधिकारी ध्यान रखें कि समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे। समाधान शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों पर डीएसपी सतीश वत्स ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षा का भरोसा देना है। शिविर में प्राप्त सभी पुलिस संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जहां भी लापरवाही या देरी पाई गई, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी नागरिक को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। समाधान शिविर के दौरान डीडीपीओ राजेश शर्मा ने सभी ग्राम सरपंचों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नालों की नियमित सफाई करवाई जाए ताकि जलभराव और बीमारियों की समस्या न हो। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
समाधान शिविर में आई 21 शिकायतें समाधान शिविर में दर्ज की गई। शिकायतों में प्रमुख रूप से फैमिली आईडी में आय कम करवाने से संबंधित मामले, वृद्धावस्था, राशन कार्ड में नाम जोडऩे या संशोधन से जुड़े मामले पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतो को उपायुक्त द्वारा सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।
समाधान शिविर के बाद उपस्थित नागरिकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि पहली बार उन्हें अपनी बात सीधे अधिकारियों तक रखने का अवसर मिला और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कुल मिलाकर समाधान शिविर प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभरे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल और जिला प्रशासन की सक्रियता से आम नागरिकों को न केवल राहत मिल रही है, बल्कि शासन व्यवस्था पर उनका विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। समाधान शिविर भविष्य में सुशासन की दिशा में एक प्रभावी मॉडल साबित होते नजर आ रहे हैं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा शिकायत कर्ता मौजूद रहे।

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