एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने राज्य स्तरीय डीजीएचई हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इंटर कॉलेज कबड्डी और क्रिकेट चैंपियनशिपस में हासिल किये कांस्य पदक
–कबड्डी और क्रिकेट की टीमों को मिला 10-10 हज़ार रुपये का पुरस्कार
–खेल खिलाड़ियों में धीरज, सहनशक्ति, संतुलन, समन्वय और शारीरिक फिटनेस पैदा करते है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 07 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पुरुष कबड्डी टीम ने राजकीय महाविधालय इसराना पानीपत में डीजीएचई हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज कबड्डी चैंपियनशिप में तीसरा स्थान पाकर कॉलेज और जिले का मान बढाया । एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने विभिन्न कॉलेजों की टीमों को पछाड़ते हुए इस कबड्डी चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया । एसडी पीजी कॉलेज की पुरुष कबड्डी टीम ने नेकी राम कॉलेज रोटक की टीम को 36-18 के अंतर से, राजकीय महाविधालय गुरुग्राम की टीम को 25-5 के अंतर से और राजकीय महाविधालय रोहतक की टीम को 25-10 के अंतर से पटखनी दी । कॉलेज की पुरुष कबड्डी टीम ने कप्तान अभिषेक, उप-कप्तान अनुज की अगुआई में हर्ष कुमार, अनंत कुमार, रोहित, सागर और जतिन के शानदार खेल के बूते पर अपने मैचों में एक तरफा जीत हासिल कर इस मुकाम को प्राप्त किया ।
इसी प्रकार कॉलेज की महिला क्रिकेट टीम ने राजकीय महाविधालय बेरियाँ पेहोवा में आयोजित डीजीएचई हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरे स्थान को हासिल किया । बायें हाथ की फिरकी गेंदबाज, बल्लेबाज और कप्तान साक्षी, उप-कप्तान सोनल और निधि, ऋतिका, चंचल, श्वेता, तन्नू, सोनी, किरण देवी, मनीषा, निशा और अंजलि के शानदार खेल की बदौलत कॉलेज महिला क्रिकेट टीम ने इस मुकाम को हासिल किया । एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने एसएसजेजी कॉलेज अम्बाला और राजकीय महाविधालय बेरियाँ पेहोवा को हरा कर इस एजाज को हासिल किया । विजेता छात्र-छात्राओं का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो नीलम, प्रो पूजा, कोच अंकुश मलिक और प्रो आनंद ने किया ।

एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि कबड्डी के इन खिलाड़ियों ने जो उपलब्धि हासिल की है वह हर विद्यार्थी के लिए गौरव और हर्ष का विषय है । इस जीत के पीछे इनकी लगन और कड़ी मेहनत का हाथ है । खेल सभी के जीवन में विशेष रुप से विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । खेल गतिविधियों में शामिल होना हर व्यक्ति के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है । खेल न केवल शारीरिक ताकत प्रदान करते है बल्कि इनसे हम मानसिक रूप से भी शक्तिशाली और मजबूत बनते है । अब तो खेल हमें अपने पैरो पर खड़ा होने में भी मदद करने लगे है । विश्वविधालय और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना और फिर स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में गौरवपूर्ण उपलब्धि है । इन खिलाड़ियों ने यही संदेश और प्रेरणा हम सभी को दी है । कॉलेज अपने खिलाड़ियों को हर तरह से प्रोत्साहित करता है और आगे भी करता रहेगा ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि क्रिकेट को सामाजिक और प्रतिस्पर्धी दोनों तरह से देखा जा सकता है और इसे सभी उम्र के पुरुष और महिलाएं खेल सकते है । जहाँ प्रतिस्पर्धी क्रिकेट ज्यादातर मैदान पर खेला जाता है वंही इसे मनोरंजन के लिए पिछवाड़े, पार्कों, सड़कों या समुद्र तट पर खेला जा सकता है । इसे खेलने के लिए बस कुछ दोस्तों, एक बल्ला, एक गेंद और विकेटों को दर्शाने वाली कोई चीज़ चाहिए । हालाँकि कुछ लोग क्रिकेट खड़े होकर खेलते हैं लेकिन इसे सही रूप में खेलने के लिए हमें फिट और मजबूत होना चाहिए । हम में हाथ-आँख का समन्वय और गेंद को संभालने का कौशल अच्छा होना चाहिए । क्रिकेट में विकेटों के बीच दौड़ना, गेंदों को रोकने के लिए दौड़ना तथा गेंदबाजी और थ्रो करना शामिल है ।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि कबड्डी एक भारतीय मैदानी खेल है जिसमे मैदान के दो पालों के अतिरिक्त किसी अन्य साधन की जरूरत नहीं होती है । यह एक मनोरंजक स्वदेशी खेल है जो युवाओं में ओज और स्वस्थ संघर्षशील जोश भरता है । यह खेल पकड़ने वाले और प्रतिरक्षक दोनों से अत्यधिक तंदुरुस्ती, कौशल, गति और ऊर्जा की माँग करता है ।
सभी खिलाड़ियों ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय उनके माता-पिता, एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो सुशीला बेनीवाल और कोच अंकुश मलिक को जाता है । उनके माता-पिता सदा उनके साथ खड़े है और कॉलेज से भी उन्हे भरपूर मदद और हौंसला मिला है । वे अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ना चाहते है और इसके लिए वे निरंतर अभ्यास में जुटे हुए है ।

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