Friday, April 24, 2026
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“Robinson Crusoe as a Religious Allegory” विषय पर अकादमिक प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 25, 2026 Tags: , , , , ,

 BOL PANIPAT : आईबीपीजी कॉलेज के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा एम.ए. प्रिवियस इंग्लिश के छात्रों के लिए एक अकादमिक प्रेजेंटेशन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था — “Robinson Crusoe as a Religious Allegory”। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गहन अध्ययन, आलोचनात्मक दृष्टि और प्रभावी प्रस्तुति कौशल का परिचय दिया।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मालिक ने छात्रों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ साहित्यिक समझ को गहराई प्रदान करती हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उपन्यास को उपनिवेशवाद और नैतिक दर्शन के संदर्भ में भी देखा जा सकता है, जिससे अध्ययन और अधिक व्यापक हो सकता है।
 विभागाध्यक्ष डॉ नीलम ने कहा कि Daniel Defoe द्वारा रचित Robinson Crusoe केवल एक साहसिक उपन्यास नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आत्म-खोज और ईश्वरीय अनुकंपा की कथा भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ के धार्मिक और प्रतीकात्मक आयामों को समझने के लिए प्रेरित किया।

प्रेजेंटेशन में छात्रों ने यह स्पष्ट किया कि रॉबिन्सन क्रूसो का द्वीप पर अकेले रहना केवल भौतिक संघर्ष नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि क्रूसो का प्रारंभिक अहंकार, माता-पिता की अवज्ञा और सांसारिक महत्वाकांक्षा उसे संकट में डालती है। जहाज़ दुर्घटना उसके जीवन में ‘दैवी दंड’ के रूप में आती है, जो उसे आत्मचिंतन के लिए विवश करती है। विद्यार्थियों ने यह भी उल्लेख किया कि द्वीप पर बिताया गया समय क्रूसो के लिए एक आध्यात्मिक तपस्या बन जाता है, जहाँ वह बाइबिल का अध्ययन करता है और ईश्वर पर विश्वास करना सीखता है।

प्रस्तुति के दौरान छात्रों ने उपन्यास के विभिन्न प्रसंगों को धार्मिक प्रतीकों के रूप में व्याख्यायित किया। उदाहरणस्वरूप, द्वीप को ‘आत्मिक परीक्षा-स्थल’ तथा Friday के चरित्र को ‘सभ्यता और ईसाई धर्म के प्रसार’ का प्रतीक बताया गया। विद्यार्थियों ने तर्क दिया कि क्रूसो का परिवर्तन पाप से प्रायश्चित और फिर मोक्ष की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस प्रकार उपन्यास एक धार्मिक रूपक के रूप में उभरता है।
छात्रों ने उद्धरणों और संदर्भों का प्रभावी उपयोग किया और अपने विचारों को तार्किक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रिया बरेजा द्वारा किया।यह कार्यक्रम सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से किया गया। इस कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग के डॉ निधि, डॉ नेहा पूनिया, रेखा शर्मा, राहुल, डॉ रेशु, दीप्ति, एकता और रोशनी भी मौजूद रहे।
 इस प्रेजेंटेशन ने विद्यार्थियों के भीतर साहित्यिक विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन और सार्वजनिक वक्तृत्व कौशल को सुदृढ़ किया। ‘Robinson Crusoe as a Religious Allegory’ विषय पर हुई यह शैक्षणिक चर्चा न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुई।

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