आर्य पीजी कॉलेज में ‘पुष्पोत्सव 2026’ का भव्य आगाज़: रंग-बिरंगे फूलों से महका कॉलेज परिसर
BOL PANIPAT – मंगलवार 10 मार्च 2026, आर्य कॉलेज की ‘बोटैनिकल सोसाइटी’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय 7वें वार्षिक ‘पुष्पोत्सव 2026’ का मंगलवार को शानदार शुभारंभ हुआ। कॉलेज के ‘न्यू साइंस ब्लॉक’ में आयोजित इस प्रदर्शनी ने प्रकृति प्रेमियों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के पहले दिन कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र शिंगला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर कॉलेज के उपाध्यक्ष श्री वीरेंद्र शिंगला ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने की।
कॉलेज की प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शिंगला ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति और शिक्षा का गहरा नाता है। ‘पुष्पोत्सव’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों में न केवल सौंदर्यबोध विकसित करते हैं, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का भी अहसास कराते हैं। आर्य कॉलेज हमेशा से सर्वांगीण विकास का पक्षधर रहा है और यह प्रदर्शनी उसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
वहीं उपाध्यक्ष वीरेंद्र शिंगला ने बताया कि आज के प्रदूषण भरे दौर में फूलों की यह विविधता मन को शांति प्रदान करती है। कॉलेज परिसर में इस तरह के जीवंत रंगों को देखकर गर्व होता है कि हमारी युवा पीढ़ी प्रकृति के इतने करीब है। यह 7वाँ वार्षिक शो कॉलेज की निरंतरता और उत्कृष्टता का प्रतीक है।
प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि विद्यार्थियों को वनस्पतियों की विविध प्रजातियों को करीब से समझने का अवसर भी मिलता है।
बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि बॉटनी विभाग का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पौधों की दुनिया से रूबरू करवाना है। इस बार हमने ‘पिटुनिया’ की दुर्लभ किस्मों और हाइब्रिड रंगों पर विशेष ध्यान दिया है। हम चाहते हैं कि हर आगंतुक यहाँ से पर्यावरण के प्रति एक नया नजरिया लेकर जाए।
आकर्षण का केंद्र: फूलों की अद्भुत किस्में
प्रदर्शनी के पहले दिन फूलों की विभिन्न प्रजातियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से पिटुनिया (Petunia): अलग-अलग रंगों और पैटर्न्स (स्टार और स्ट्राइप्ड) वाले पिटुनिया आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। वहीं दुर्लभ किस्म के काले और गहरे बैंगनी रंग के फूलों ने विद्यार्थियों और आम जनता का विशेष ध्यान खींचा। साथ ही कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा फूलों को कलात्मक ढंग से सजाया गया था।
इस बार के फ्लावर की मुख्य विशेषता ये रही की बहुत सारे पौधे हाइड्रो पोनिक्स विधि द्वारा तैयार किए गए हैं इस विधि में मिट्टी की बजाय कोकोपित का इस्तेमाल किया जाता है
“निर्णायक मण्डल में प्रो. नरेंद्र सिंह, निदेशक बागवानी, कुरुक्षेत्र; डॉ. योगेश कुमार, चेयरपर्सन, वनस्पति शास्त्र विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय; डॉ. ज्योति चौहान तथा प्रो.रंजीत सिंह वनस्पति शास्त्र विभाग प.चिरंजी लाल शर्मा राजकीय महा विधालय करनाल शामिल रहे। ”इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बोटैनिकल सोसाइटी के समन्वयक डॉ. बलकार सिंह और शिक्षक इंचार्ज श्रीमती ललिता व डॉ. पूजा जैन की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक और भारी संख्या में शहर के नागरिक उपस्थित रहे।

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