पारदर्शी और जवाबदेह शासन की मिसाल बन रहा ‘जनता समाधान शिविर: उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया
-जनता समाधान शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है
-जनता समाधान शिविर में शिकायतों का त्वरित निपटारा, नागरिकों में दिखी संतुष्टि
-उपायुक्त ने खुद सुनी लोगों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश
BOL PANIPAT, 16 मार्च। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किया गया जनता समाधान शिविर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है। जिला सचिवालय में सोमवार को आयोजित शिविर में 20 नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। शिविर के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे नागरिकों के चेहरे पर संतोष और विश्वास साफ झलकता नजर आया।
शिविर में उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का समाधान प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार का जनता समाधान शिविर कार्यक्रम सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक सशक्त और प्रभावी पहल है। डॉ.दहिया ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि आम जन की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
डॉ .दहिया ने कहा कि जनता समाधान शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को यह भरोसा मिल रहा है कि उनकी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंच रही है और उसका समाधान भी गंभीरता से किया जा रहा है। जब प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है तो व्यवस्था भी मजबूत होती है। इन शिविरों ने लोगों के मन में विश्वास पैदा किया है कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि उसका ठोस और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिक को संतुष्ट करना है। जनता समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप ने कहा कि ऐसे शिविरों से लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर संभव हो रहा है। सीईओ डॉ. किरण ने इसे जनहित में सराहनीय पहल बताया और कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी एक साथ बैठकर समस्याओं का समाधान करते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनती है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. संजय ने बताया कि नगर निगम से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना जा रहा है और जहां संभव हो मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों का भी पारदर्शिता के साथ निपटारा किया जा रहा है।
शिविर में कई नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। प्रार्थी जितेंद्र (चंदौली) ने तालाब में हो रहे अवैध कब्जे को हटाने की मांग की, जिस पर उपायुक्त ने जांच के निर्देश दिए। कृष्ण कांत (हाउसिंग बोर्ड) और आरिफ (बत्रा कॉलोनी) ने राशन कार्ड शुरू करवाने की मांग की। वहीं यशपाल ने वीवर्स कॉलोनी में सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन कृष्ण आर्य और सुरेंद्र जोगी ने भी शिविर की प्रक्रिया का अवलोकन किया और सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता समाधान शिविर आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं और इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है। शिविर के दौरान डीएचओ संदीप, डीएसपी सुरेश सैनी, डिप्टी सीएमओ दिव्या साहनी, कृषि विभाग के कार्यकारी अभियंता सुधीर, डिस्टिलरी मैनेजर विपिन ढाका, पुलिस कंप्लेंड अधिकारी सुरेश सरोहा, संजीव शर्मा, कोच सुषमा ,जोगिंदर सिंह, रमेश सहित कई अधिकारी और शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

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