एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में दो दिवसीय ‘आर्ट एंड लाइफ’ कला प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शानदार समापन
कार्यशाला के दूसरे दिन स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला का आयोजन
विभिन्न संकायों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सीखा स्क्रीन प्रिंटिंग का हुनर
कला अपनी भावनाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम हैं : नरेश गोयल
स्क्रीन प्रिंटिंग पारंपरिक कला की सुंदरता और विरासत को संरक्षित करती है : कृष्ण कुमार
BOL PANIPAT , 04 अप्रैल. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में दो दिवसीय ‘आर्ट एंड लाइफ’ कला प्रदर्शनी और कार्यशाला का शानदार समापन हुआ जिसमें बतौर स्क्रीन प्रिंटिंग प्रशिक्षक कृष्ण ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को इस कला को चुनने के फायदे और इसके स्वर्णिम भविष्य के बारे में विस्तार से समझाया । कार्यक्रम का उदघाटन नरेश गोयल सेक्रेटरी एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत और महेंदर अग्रवाल, महासचिव, एस.डी. (पी.जी.) कॉलेज, पानीपत ने किया । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ मोनिका खुराना और प्रो परमीत कौर ने किया । स्क्रीन प्रिंटिंग प्रशिक्षण में विभिन्न संकायों के लगभग 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया । इसके साथ-साथ कला प्रदर्शनी में सैंकड़ों रंगीन और सुन्दर पेटिंग्स, विज्ञापन, स्केच आदि ने सभी का मन मोह लिया । मंच संचालन डॉ मोनिका खुराना ने किया ।
छात्र मोहित द्वारा बनायीं गई आयल एवं पानी के रंगों से बनी पेटिंग्स और पोर्ट्रेटस ने सभी को अचम्भे में डाल दिया । अयोध्या के रामलला, प्रेमानंद जी महाराज, ग्रामीण महिला, वादियों की दुनिया, कृष्ण का मक्खन खाते हुए माँ यशोदा की पेटिंग्स ने बाहर से आये कलाकारों को अचरच में रखा और उन्हें सोचने पर मजबूर किया कि कॉलेज में भी इतने कमाल के कलाकार मौजूद है । इसी प्रकार राम लला की पेंटिंग जो अयोध्या में स्थापित की गई है और जिसकी मूर्ति का रंग काला है की पेंटिंग भी आकर्षण का केंद्र बनी रही । माता सीता और भगवान् राम के प्रेम को दर्शाती पेंटिंग ने भी सबका ध्यान अपनी तरफ खेंचा ।
दो दिवसीय इस कार्यशाला एवं प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स को दर्शकों ने अत्यंत सराहा। लगभग दो लाख रुपये मूल्य की पेंटिंग्स की बिक्री हुई, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस सराहना ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उन्हें अपनी कला को और निखारने के लिए प्रेरित किया।

कृष्ण ने स्क्रीन प्रिंटिंग को सृजनात्मक अभिव्यक्ति का एक अत्यंत सशक्त और प्रभावशाली माध्यम बताते हुए कहा कि यह तकनीक कलाकारों और डिज़ाइनरों को अपनी कल्पनाओं को रंगों और आकृतियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि स्क्रीन प्रिंटिंग न केवल पारंपरिक कला की सुंदरता और विरासत को संरक्षित करती है, बल्कि आधुनिक डिज़ाइन और तकनीकी नवाचारों के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य भी करती है। इस माध्यम के जरिए कला को कपड़ों, पोस्टरों, बैनरों, पैकेजिंग और विभिन्न उत्पादों पर रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में स्क्रीन प्रिंटिंग का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें अनेक प्रकार के रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यदि विद्यार्थी इस तकनीक को सही ढंग से सीखते हैं और अपनी रचनात्मकता को विकसित करते हैं, तो वे ग्राफिक डिज़ाइन, फैशन, टेक्सटाइल, विज्ञापन तथा प्रिंटिंग उद्योग जैसे कई क्षेत्रों में सफल करियर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखने, प्रयोग करने और अपने कौशल को लगातार निखारने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना सकें।
नरेश कुमार गोयल, सचिव, श्री एस.डी. एजुकेशन सोसाइटी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से विद्यार्थी अपनी भावनाओं, विचारों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने कौशल को करियर के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षा और कौशल विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।

समापन समारोह अत्यंत गरिमामय रहा, जिसमें महेन्द्र अग्रवाल , महासचिव, एस.डी. पी.जी. कॉलेज, पानीपत मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार एवं उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं सराहना पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस आयोजन का सफल संचालन डॉ. मोनिका खुराना के कुशल निर्देशन में हुआ। कमर्शियल आर्ट्स संकाय की मिस परमीत एवं तनु मेहता के समर्पित सहयोग से कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक वातावरण में हुआ, जिसने विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास एवं दिशा प्रदान की। इस प्रकार के आयोजन न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में कला को एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर प्रो. प्रवीण आर. खेरडे, डॉ. संगीता गुप्ता . मोनिका खुराना, प्रो. तन्नु मेहता, प्रो. परमीत कौर, प्रो. इंदु पुनिया, प्रो. किरण मालिक, प्रो. शिवरानी, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे|

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