एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन के तत्वाधान और सहयोग से चलाये जा रहे विभिन्न स्किल कोर्स
प्रतिभागी विद्यार्थियों से लिया गया फीडबैक और किया गया उत्साहवर्धन
श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन उच्च शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक प्रतिभावान परन्तु आर्थिक अभाव से जूझ रहे विद्यार्थियों की मदद को सैदेव तत्पर: कपिल जैन
BOL PANIPAT , 22 अप्रैल, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में चल रहे रील मेकिंग, ब्यूटी एंड वैलनेस कोर्स और केकरी बेकरी स्किल कोर्स की श्री शीतल दास जैन फाउंडेशन द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों से फीडबैक लिया गया और तीनों कोर्स की अब तक की समीक्षा की गई और प्रतिभागियों से फीडबैक ली गई । बाद में प्रतिभागी विद्यार्थियों को फल वितरित किये गए । तीनों कोर्स में कॉलेज के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने रूचि के साथ बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे है । विषय के विशेषज्ञ विद्यार्थियों को व्यावहारिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण डे रहे है । फाउंडेशन को श्री कपिल जैन मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शीतल दासजैन फाउंडेशन का भरपूर सहयोग प्राप्त है । विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन और हौंसला प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और कोर्स-कोऑर्डिनेटर डॉ मोनिका खुराना ने बढाया । विदित रहे कि सोशल मीडिया के दौर में रील मेकिंग, ब्यूटी एंड वैलनेस और केकरी बेकरी स्किल कोर्स एक बेहद लोकप्रिय और फायदेमंद हो रहे है । इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब शॉर्ट्स और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर शॉर्ट वीडियो का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है । अगर कोई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बनना चाहता हैं, डिजिटल मार्केटिंग में करियर बनाना चाहता हैं, या केवल क्रिएटिविटी के लिए वीडियो बनाना पसंद करता हैं तो रील मेकिंग कोर्स उसके लिए बहुत फायदेमंद है । आज की कार्यशाला में रील मेकिंग कोर्स क्या है, इसमें क्या सिखाया जाता है, इसके ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प कौन से है, इसके आवश्यक टूल्स कौन से है और इसमें करियर की क्या-क्या संभावनाएं है: ऐसे अनेक विषयों पर विषय विशेषज्ञ छात्र-छात्राओं को टिप्स डे रहे है ।
कपिल जैन मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शीतल दासजैन फाउंडेशन ने अपने सन्देश में कहा कि साल 2022 में रिषभ कुमार और सुरेन्द्र कुमार के मन में भाव पैदा हुआ कि जिस तरह से उनके पिता के पास उन्हें उच्च शिक्षा ग्रहण कराने के लियें अधिक सुविधायें नहीं थी, तो ऐसे कितने बच्चे होंगे जो आज के समय में उच्च सिक्षा ग्रहण करना चाहते है लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे पढ़ नहीं पातें है । एसएसडीजे फाउंडेशन एक पारिवारिक ट्रस्ट है जो अपने स्वयं के फंड का उपयोग करता है और परिवार के सदस्यों द्वारा इसकी देखरेख की जाती है । यह किसी भी बाहरी फंडिंग की मांग नहीं करता है । इसका उद्देश्य उन उत्सुक, महत्वाकांक्षी, प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों की पहचान करना है जो सामाजिक, आर्थिक या अन्य बाधाओं के कारण अपनी शैक्षणिक खोज से वंचित हो जाते हैं । फिरउ न्हें आवश्यक वित्तीय सहायता और सलाह देकर उनकी मदद की जाती है । इसका लक्ष्य शिक्षा, विशेष कोचिंग, ट्यूशन सहायता और कौशल विकास प्रदान करना है ताकि जरूरतमंद बच्चों की क्षमता को बढ़ाया जा सके जिससे वे अपने अधिक संपन्न समकक्षों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर पाए । समान लक्ष्य रखने वाले अन्य संगठनों के साथ साझेदारी सहित प्रभावशाली कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और उनमें भाग लेना भी इस संस्था का एक उद्देश्य है ।
डॉ मोनिका खुराना ने कहा कि अगर हम डिजिटल युग में क्रिएटिव करियर बनाना चाहते हैं तो रील मेकिंग स्किल बेहद महत्वपूर्ण है । चाहे हम एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बनना चाहते है या डिजिटल मार्केटिंग में काम करना चाहते है या सिर्फ शौक के लिए वीडियो बनाना चाहते है – रील मेकिंग कोर्स हम में हर जरूरी स्किल सिखाता है । अगर हमशुरुआत करना चाहते हैं तो हमें फ्री यू-ट्यूब ट्यूटोरियल्स देखने चाहिए या किसी प्रोफेशनल कोर्स से जुड़ना चाहिए । धीरे-धीरे प्रैक्टिस और एक्सपेरिमेंट के जरिए हम एक सफल रील क्रिएटर बन सकते हैं ।

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