एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में अंतर्राष्ट्रीय लिटरेसी डे के अवसर पर व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का सफल आयोजन
सौरभ ने बाजी मार पाया पहला स्थान, खुशबू को मिला दूसरा स्थान
साक्षरता लोगों को बेहतर एवं खुशहाल जीवन जीने में मदद करती है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर वाणिज्यविभाग द्वारा व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे एमकॉम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स और बीबीए के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. और वाणिज्य और अर्थशास्त्र विषयों से अपने पसंद के टॉपिक पर तैयारी कर के व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन को पेश किया जिसमे बीकॉम द्वितीय के सौरभ ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया. दूसरा स्थान बीकॉम प्रथम ऑनर्स की खुशबू को और तीसरा स्थान बीबीए द्वितीय के ऑस्टिन कोमिला.सांत्वना पुरस्कार हर्ष, मुस्कानऔर संदीप गिरी को मिले.प्रतियोगिता और अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की शुरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने की. उनके साथ वाणिज्य विभाग से डॉ दीपा वर्माने कार्यक्रम के सफल संचालन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई.प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी विजेताओं को बधाई दी औरउनकाहौंसला बढाया. प्रतियोगिता में लगभग 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिनमे सौरभ, काजल, हर्ष, खुशबू, निहाल, मानसी, संदीप गिरी, आर्यन, ऋतिका अन्नू आदि शामिल थे.प्रतियोगिता में भाग लेने वालों को किसी भी तैयार विषय पर अंग्रेजी या हिंदी किसी एक भाषा में बोलना था जिसके लिए प्रतिभागियों को 5 से 7 मिनट का समय दिया गया.

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन से विद्यार्थियों का संक्षिप्त मूल्यांकन हो जाता है जिसका लाभ उन्हें भविष्य में अन्य क्षेत्रों में अपनाज्ञान, योग्यता और कौशल में वृद्धि करने में मिलता है.साक्षरता के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा की भारत में साक्षरता की दर विश्व साक्षरता दर से काफीकम है. वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार भारत की कुल साक्षरता दर 74.4% हैजिसमें पुरुष साक्षरता 82.37 % और महिला साक्षरता आंकड़ा 65.79 % काहै. दोनों की साक्षरता के आंकड़े में काफी अंतर है जिसे हमे पाटना होगा.दुनियाभर की आबादी, हर देश, हर समाज, हर गांव, हर समुदाय तक लोगों को शिक्षित बनाना इस दिन को मनाने का उद्देश्य है. जितना ज्यादा लोग शिक्षा ग्रहण करेंगे, उतना ही बेहतर भविष्य उस परिवेश का होगा.
डॉ दीपा वर्मा ने कहा की हर साल साक्षरता दिवस की एक निर्धारित थीम होती है और इस वर्ष साक्षरता दिवस 2022 की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग लिटरेसी लर्निंग स्पेस’है.लोगों को साक्षर होने और सामाजिक एवंमानव विकास के अपने अधिकारों को जानने की आवश्यकता के बारे में जागरूक करने के लिए यह दिन मनाया जाता है. साक्षरता न केवल लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद करती है बल्कि ग़रीबी उन्मूलन, जनसंख्या को नियंत्रित करने, बाल मृत्यु दर को कम करने आदि में भी यहमदद करती है.आज का दिन लोगों को बेहतर शिक्षा देने और लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है. यूनेस्को आज के दिन लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में कई कार्यक्रम आयोजित करवाता है.मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा देने के लिए विश्व साक्षरता दिवस कोमनाया जाना अत्यंत जरुरी है.
इस अवसर पर डॉ एसके वर्मा, प्रो मनोज कुमार, दीपक मित्तल उपस्थित रहे.

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