खिलौने आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच वितरित कर उनके बचपन को खुशियों के रंगों से भर दिया
BOL PANIPAT : जी.टी.रोड स्थित स्थानीय आई.बी.पी.जी. महाविद्यालय की एन.एस.एस. यूनिट द्वारा ‘पोषण पखवाड़ा मिशन’ के अंतर्गत एक अनूठी और हृदयस्पर्शी पहल की गई। इस अभियान के तहत महाविद्यालय प्रांगण में एक सप्ताह तक नए एवं सहेज कर रखे गए अच्छी स्थिति वाले खिलौने एकत्रित किए गए, जिन्हें बाद में आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच वितरित कर उनके बचपन को खुशियों के रंगों से भर दिया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतबीर सिंह ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “खिलौना वितरण केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि संवेदनाओं का आदान-प्रदान है। यह उन बच्चों के चेहरों पर उल्लास लाने का एक पावन जरिया है, जो अक्सर संसाधनों के अभाव में अपने ‘खेलने के अधिकार’ से दूर रह जाते हैं। जब हम अपने पुराने खिलौने साझा करते हैं, तो हम केवल वस्तु नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और अपनत्व की भावना को मजबूत करते हैं।”
एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी खुशबू ने अभियान की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “खिलौने बच्चों के लिए केवल खेलने की वस्तु नहीं, बल्कि उनके सपनों और कल्पनाओं का अनमोल संसार होते हैं। आर्थिक विषमताओं के कारण जो नन्हे-मुन्ने बचपन की इन छोटी-छोटी खुशियों से वंचित रह जाते हैं, यह प्रयास उन्हें उनका हक और मुस्कान दिलाने की हमारी एक विनम्र कोशिश है। खिलौना वितरण का यह कार्य समाज के समर्थ वर्ग को अभावों में जी रहे बच्चों के साथ सीधे तौर पर जोड़ता है, जिससे समाज में केवल परोपकार ही नहीं, बल्कि आपसी संवेदनशीलता और साझा करने की एक सुंदर संस्कृति विकसित होती है।”
इस अभियान के समापन पर एन.एस.एस. के सभी स्वयंसेवकों ने स्वयं आंगनबाड़ी जाकर इन खिलौनों को बच्चों में वितरित किया और उनके साथ खुशियां साझा कीं।”

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