उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित है कांफ्रेंस
प्रोअनिल वोहरा डीनऑफ़ कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र करेंगेकांफ्रेंस का शुभारम्भ
डॉ सुमन बालाबेरी भौतिकी विभाग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ देंगी कीनॉट संबोधन
हिग्स बोसॉन (गॉड पार्टिकल) की खोज करने वाली टीम का हिस्सा रही है डॉ सुमन बाला बेरी
BOL PANIPAT :
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित ‘आधुनिक विज्ञान और तकनीकी में उभरते रुझान’विषय पर चलने वाली दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आगाज 29 मार्च को माननीय मुख्यअतिथिप्रोअनिल वोहरा डीन ऑफ़ कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्रकरेंगे.कीनॉट संबोधन डॉ सुमन बालाबेरी भौतिकी विभाग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़द्वारा दिया जाएगा. प्रथम दिन के पहले तकनीकी सत्र की अध्यक्षता गेस्ट ऑफ़ ऑनर प्रो संजीव अग्रवाल भौतिकी विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालयकुरुक्षेत्रऔर दूसरेतकनीकी सत्र की अध्यक्षता गेस्ट ऑफ़ ऑनर प्रो अश्वनी कुश विभागाध्यक्ष कंप्यूटर साइंस विभाग आईआईएचएस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्रकरेंगे. दूसरेदिन के सत्र की शुरुआत गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ सुमन भौतिकी विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र और समापन समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि प्रो पवन शर्माडीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र करेंगे.इन विशिष्ट विद्वानों के अलावा भी कई अन्य विषय विशेषज्ञ कांफ्रेंस का हिस्सा बन प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन करेंगे.
विदित रहे की पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और एमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में कार्यरत प्रोफेसर इमेरिटस डॉ सुमन बाला बेरी उस शोध टीम का हिस्सा रही है जिन्होनें 4 जुलाई 2012हिग्स बोसॉन पार्टिकल की खोज की थी. हिग्स बोसॉन पर लिखे उनके शोध पत्र को विश्व में अब तक तीन हज़ार उद्धरण प्राप्त हो चुके है.डॉ सुमन बेरी की भौतिकी के क्षेत्र में प्राप्त की गई उपलब्धियां और योगदान इतना व्यापक है किउनके जीवन की गौरव-गाथा को ओल्डेनबर्ग यूनिवर्सिटी जर्मनी में कार्यरत डॉ राजेन्द्र सिंहने अपनी पुस्तक में विस्तृतरूप से वर्णितकिया है. ऐसी ख्याति प्राप्त भौतिकविद का की-नॉट संबोधन इस सेमीनार को नए आयाम देगा.हिग्स बॉसन या गॉड पार्टिकल विज्ञान की एक ऐसी अवधारणा है जिसकीमौजदूगी के प्रमाण से हमें यह पता चलता है कि कणों में भार क्यों होता है. साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि ब्रह्रांड की उत्पत्ति कैसे हुई होगी. हिग्स बॉसन के बारे में पता लगाना भौतिक विज्ञान की सबसे बड़ी सफलतामाना जाता रहा है.
यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. दो दिवसीय कांफ्रेंस के संरक्षक एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल है और उनके साथ उप-प्रधान मनोज सिंगला, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला और कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल का सहयोग और सानिध्य कांफ्रेंस को प्राप्त रहेगा. कांफ्रेंस के संयोजक प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा है. संगठन सचिव की भूमिका भौतिकी में डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी, डॉ चेतना नरूला, डॉ रेणु गुप्ताएवंडॉ बिंदु, गणित में प्रो संजय चोपड़ा, आईक्यूएसी में डॉराकेश गर्ग, रसायन शास्त्र में प्रो मयंक अरोड़ा, प्रो प्रवीण कुमारी एवंडॉ प्रोमिला,जीवन विज्ञान में डॉ रवि कुमार एवंडॉ राहुल जैन और कंप्यूटर साइंस में प्रो सतीश अरोड़ा निभायेंगे. इनके साथ परामर्श समिति में प्रो राकेश सिंगला, प्रो मुकेश गुप्ता, डॉ प्रवीण कत्याल, प्रो प्रवीण आर खेरडे, डॉ मुकेश पुनिया औरडॉ प्रियंका चांदना शामिल रहेंगे. दो दिविसीय नेशनल कांफ्रेंस में भौतिकी, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, रसायन शास्त्र,अभियांत्रिकी और तकनीकी, गणित और कंप्यूटर साइंस जैसे विषयों पर गंभीर मंथन और विचार-विमर्श कर नए विचारों और सिद्धांतों को प्रतिपादित किया जाएगा.कांफ्रेंस में प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों के लगभग 400 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने और विविध शोध पत्रों के पढ़े जाने और उनपर गंभीर विमर्श किये जाने की उम्मीद है. प्रतिभागी कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए प्रात: 9 से 10.30 बजे तक अपना पंजीकरण करवा सकते है. हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तरांचल, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, गुजरात आदि राज्यों के महाविधालयों और विश्वविधालयों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी इस दो दिवसीय कांफ्रेंस का हिस्सा बनेंगे.
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