दयालु-2 योजना बनी जरूरतमंद परिवारों का सहारा, पात्र मामलों में शीघ्र सहायता सुनिश्चित करें: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
दयालु-2 योजना मानवता की मिसाल, पात्र परिवारों तक समय पर मुआवजा पहुंचाना हमारी प्राथमिकता
जिला सचिवालय में दयालु-2 योजना की समीक्षा बैठक, आवेदनों के निपटान में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश
दुर्घटना एवं आवारा पशु पीडि़तों को मिलेगा न्याय, उपायुक्त डॉ. दहिया ने अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
BOL PANIPAT , 13 मई। जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में बुधवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर दयालु-2 योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में आवारा पशुओं से संबंधित मृत्यु, चोट एवं दिव्यांगता मामलों में मुआवजा प्रक्रिया की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की स्थिति, लंबित मामलों तथा मुआवजा स्वीकृति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक कुल 100 मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें मृत्यु, चोट और दिव्यांगता से जुड़े मामले शामिल हैं। इनमें से कुछ मामलों में दस्तावेज पूर्ण होने के बाद आगे की प्रक्रिया जारी है, जबकि कुछ मामलों में नियमानुसार निर्णय लिया गया।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि दयालु-2 योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य पीडि़त एवं जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करना है। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा तथा सभी मामलों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त डॉ दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों की जांच गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जाए तथा पात्र मामलों में शीघ्र मुआवजा स्वीकृत कर लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाई जाए। साथ ही जिन मामलों में दस्तावेज अधूरे हैं, उनमें संबंधित परिवारों से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करवाई जाएं।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जिन मामलों में किसी विभाग या निगम की लापरवाही सामने आती है, वहां नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर मुआवजा राशि की वसूली की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि दयालु-2 योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और पीडि़त वर्गों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का प्रतीक है।
उपायुक्त ने अधिकारियों से आमजन को योजना के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमओ विजय मलिक के अलावा स्वास्थ्य विभाग से अधिकारी मौजूद रहे।

Comments