मनरेगा मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए सरपंचों को महामहिम राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपे
BOL PANIPAT : 15 मई आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, एटक, नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने मतलौडा, इसराना,समालखा, बापोली इत्यादी ब्लाक के गांवों में मनरेगा मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए सरपंचों को महामहिम राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपे। मांगपत्र में मनरेगा को और मजबूती के साथ वापस लाने, मनरेगा के तहत प्रत्येक वर्ष 200 दिन काम और 700 रुपये प्रति दिन मजदूरी देने, हाजरी और भुगतान के लिए नई नई तकनीक और शर्तें हटाने,
गांव में काम कराने का ग्राम सभा को पूरा अधिकार देने, वी बी जी राम जी को रद्द करने की जनहितैषी मांगें शामिल हैं।
सरपंचों को मांगपत्र सौपते समय सीपीआई के जिला सचिव पवन सैनी एडवोकेट ,राज्य कौंसिल सदस्य राम रतन एडवोकेट, एवं बीकेएमयू के जिलाध्यक्ष कामरेड भूपेन्द्र कुमार कश्यप, सीपीआई के जिला कौंसिल सदस्य ओमप्रकाश कश्यप ,आल इन्डिया यूथ फेडरेशन के भानुप्रतापसिंह, इत्यादी ने कहा कि वामपंथी पार्टियों और जनसंगठनों द्वारा वर्षों तक चलाए गए निरंतर संघर्ष के बाद यूपीए 1 की सरकार ने नरेगा कानून संसद से पास कराया था। वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश में मनरेगा पहला कानून था जो ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिन के काम की गारंटी देता था। इस कानून के तहत ग्राम सभा काम तय करती थी और केंद्र सरकार खर्च की 90 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराती थी और राज्य सरकार मात्र 10 प्रतिशत राशि खर्च करती थी।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि वीबीजीरामजी के तहत केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की खर्च में हिस्सेदारी बढा कर 40 प्रतिशत कर दी है। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा को बहाल करने और वीबीग्रामजी को रद्द करने के लिए मनरेगा मजदूरों के संघर्ष में सीपीआई और जनसंगठनों के कार्यकर्ता सदैव शामिल रहेंगे।
आज सरपंचों को मांगपत्र देने वालों में जयपाल,सुरेश, राज कुमार कश्यप, धनपत, संजय तंवर,नफीस, जितेंद्र , जय भगवान, पृथ्वी सिंह सैनी, पवन, सुल्तान सिंह,सुखदेव सिंह ,हवासिंह,रणबीर सिंह, तेलूराम मलिक,चंद्रभान मिठठन लाल आदि शामिल हुए।

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