Thursday, May 21, 2026
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मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे गहने बदलकर धोखाधड़ी करने का दूसरा आरोपी को किया गिरफ्तार

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at May 21, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 21 मई: सीआईए थ्री पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे सोने के गहनों को बदलकर धोखाधड़ी करने के आरोपी ब्रांच के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर साहिल निवासी उत्तम नगर गोहाना सोनीपत को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अपने साथी आरोपी ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा।

सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया लॉकर में रखे गिरवी गहनों में से सोने का एक कड़ा निकालकर उसमें से 40 प्रतिशत सोना निकालकर 2.50 लाख रूपए में बेच दिया था। और उसकी जगह पीतल डलवाकर सोने का अर्क चढवा लॉकर में रख दिया था। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसके हिस्से में 1 लाख रूपए आए थे, जिसमें से ज्यादातर पैसे खर्च कर दिए। पुलिस ने आरोपी के कब्ज से बचे 5 हजार रूपए बरामद कर वीरवार को पूछताछ के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया।
मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के हिस्से में 1.50लाख रूपए आए थे। आरोपी के कब्जे से बचे 10 हजार रूपए बरामद कर माननीय न्यायायल मे पेश कर जहा से उसे जेल भेजा जा चुका है।

यह है मामला

सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि थाना शहर में शिमला मौलाना गांव निवासी सुनील पुत्र केहर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने 19 तोले सोना मई 2024 में पानीपत स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को उसने अपने दोस्त संदीप के साथ ब्रांच में जाकर लोन के सारे पैसे जमा करा दिए। इसके बाद ब्रांच के कर्मियों ने पॉलिथिन में पैक गहने वापस कर दिए। जब उन्होंने पैकेट खोलकर देखा तो उसे सोने के कड़े का वजन ज्यादा लगा। तभी उसने ब्रांच कर्मियों को बताया यह कड़ा उसका नहीं है, उसके कड़े का वजन इससे कम था। मौजूद कर्मियों ने उससे कहा 100-150 मिलीग्राम का कोई फर्क नहीं होता और उसको सुनार के पास जाकर तसल्ली करने की बात कही। इसके बाद सुनार से जांच कराई तो पता चला कड़ा पीतल का है। उस पर सोने का अर्क चढ़ा था। सुनार ने कड़े के फोटो अपने संगठन के ग्रुप में शेयर किए थे। फोटो देखकर एक सुनार ने बताया कड़ा बनवाने के लिए उसके पास दीपक भोला कारिगर आया था, दीपक भोला को उसने कड़ा बनाने से मना कर दिया था। दीपक भोला कारिगर से पूछताछ की तो उसने बताया उसके पास मणप्पुरम गोल्ड लोन का ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार एक अन्य कर्मी के साथ कड़ा बनवाने आए थे। उन्होंने असली कड़ा दिखाकर नकल तैयार करने के लिए कहा था। मैनेजर के कहने पर उसने पानीपत में काफी जगह पता किया सभी ने नकल बनाने से मना कर दिया था। बाद में उसने दिल्ली एक दुकान से कड़ा बनवाकर मैनेजर राजेसाब को दिया था। पूछताछ में कारिगर दीपक ने बताया उससे अक्सर यह काम करवाते रहते है। शिकायत में सुनील ने बताया इसके बाद उसको पूरा यकिन हो गया कि बैंक के मालिक, मैनेजर और अन्य कर्मियों ने मिली भगत कर उसका सोने का कड़ा बदला है। थाना शहर में सुनील की शिकायत पर बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

पुलिस ने गत दिनों आरोपी राजेसाब महबूल यलगार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने ब्रांच के पूर्व असिस्टेंट मैनजर साहिल के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा था।

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