आई.बी. कॉलेज का विज्ञान विभाग सही मायने में नए वैज्ञानिकों को तैयार कर रहा है : डॉ. सतवीर सिंह
BOL PANIPAT : आई.बी. (पीजी) महाविद्यालय शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है। यहां के कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय सभी अपने विद्यार्थियों के लिए अथक परिश्रम करते हैं। महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के अंतर्गत वनस्पति विज्ञान विभाग आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अनूठी पहचान बना चुका है।
प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह का प्रेरणादायक दृष्टिकोण और शोध के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण इस प्रगति को निरंतर बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका वहन कर रहा है। प्राचार्य के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में संस्थान लगातार अकादमिक ऊंचाइयों को छू रहा है। वह हमेशा ही शोध, नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तत्पर रहते हैं और उनके कई शोध प्रकाशन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आ चुके हैं, जो कि स्कोपस और वेब ऑफ साइंस जैसे अंतरराष्ट्रीय सूचकांक में लिस्टेड हैं। उन्होंने आगे बताया कि डॉ. निधान सिंह की इस ऐतिहासिक खोज और उनके स्कॉलर योगेश की वैश्विक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान में भी डॉ. निधान सिंह के निर्देशन में चार शोधार्थी पीएच.डी. कर रहे हैं, जो संस्थान में शोध और नवाचार की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने डॉ. निधान सिंह की इस ऐतिहासिक खोज और योगेश की वैश्विक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए नए सत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों के नाम एक विशेष संदेश सांझा करते हुए कहा:
“हमारे कॉलेज का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ना है। डॉ. निधान सिंह द्वारा नई पादप प्रजाति की खोज और उनके स्कॉलर को मिला अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि आई.बी. कॉलेज का विज्ञान विभाग सही मायने में नए वैज्ञानिकों को तैयार कर रहा है। हम नए सत्र में आने वाले सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त करते हैं कि कॉलेज उन्हें हर संभव विश्वस्तरीय सुविधाएं और शोध का माहौल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष व प्रख्यात फील्ड बोटानिस्ट डॉ. निधान सिंह के मार्गदर्शन में यह विभाग अनुसंधान और व्यावहारिक शिक्षा के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और क्षेत्रीय अनुसंधान से नई प्रजाति की खोज तक की उपलब्धियां हासिल कर चुका है। डॉ. निधान सिंह ने पिछले लगभग दो दशकों से शिवालिक श्रेणियों और विशेष रूप से मोरनी हिल्स की वनस्पति संपदा पर गहन शोध किया है। उनके इसी समर्पण और अथक प्रयासों का परिणाम है कि उन्होंने वनस्पति विज्ञान जगत को एक नई पादप प्रजाति ‘एट्रिप्लेक्स स्यूडोटाटारिका’ की खोज करके एक ऐतिहासिक सौगात दी है। कॉलेज के स्तर पर इस तरह की बुनियादी वैज्ञानिक खोज होना बेहद दुर्लभ और गौरवशाली है। डॉ. सिंह के इस दीर्घकालिक व्यावहारिक अनुभव का सीधा लाभ कॉलेज के विद्यार्थियों को मिलता है, जिन्हें वे किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर सीधे प्रकृति की प्रयोगशाला में फील्ड स्टडीज के माध्यम से शिक्षित करते हैं।
वैश्विक मंच पर कॉलेज का गौरव: विभाग की इस समृद्ध शोध परंपरा की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण डॉ. निधान सिंह के रिसर्च स्कॉलर योगेश की अभूतपूर्व उपलब्धि है। योगेश को पिछले वर्ष प्रतिष्ठित अमेरिकन बोटेनिकल सोसाइटी द्वारा “बिल डाहल ग्रेजुएट स्टूडेंट रिसर्च अवॉर्ड-2025” से सम्मानित किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय स्तर का यह पुरस्कार मिलना यह साबित करता है कि आई.बी. कॉलेज के विज्ञान विभाग में हो रहा अनुसंधान विश्वस्तरीय है और यहाँ के विद्यार्थी वैश्विक मंचों पर अपनी धाक जमा रहे हैं।
अभिभावकों और नए विद्यार्थियों के लिए आह्वान:
आज के तकनीकी और वैज्ञानिक युग में ‘साइंस’ केवल एक विषय नहीं, बल्कि असीम संभावनाओं का द्वार है। जब शिक्षक स्वयं नई खोजों से जुड़े हों, तो विद्यार्थियों को मिलने वाला मार्गदर्शन अद्भुत हो जाता है। आई.बी. कॉलेज का प्रत्येक विज्ञान विभाग अत्याधुनिक लैब्स, सभी सुविधाओं और लाइव रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य का वैज्ञानिक और इनोवेटर बनाता है। केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त अनुदान से सभी लैब को और समृद्ध किया जा रहा है। नए सत्र के लिए विज्ञान संकाय में दाखिले की प्रक्रिया जारी है, और प्रत्येक जानकारी देने के लिए शिक्षक गण महाविद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

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