स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला।
BOL PANIPAT : सनौली रोड, नेता जी कालोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण गणेश मन्दिर के 57वें वार्षिकोत्सव के अंतर्गत तीन दिवसीय श्री राम कथा सत्संग के अंतिम दिन प्रवचन करते हुए स्वामी दयानन्द सरस्वती जी ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला।
महाराज श्री ने प्रवचन करते हुए कहा कि बिना सत्संग प्राप्त किये विवेक नहीं आ सकता, बहुत पढ़ लिखकर व्यक्ति बुद्धिमान तो बन सकता है लेकिन विवेक केवल सत्संग से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को यदि शक्तिशाली बनना है तो झुकना भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुख आने पर भूलना नहीं चाहिए और दुख में तड़पना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा सुनने से सब कुछ प्राप्त होता है बोलने वाले सोचते हैं हम सब जानते हैं लेकिन सुनने वाला भी बहुत ज्ञानी होता है। गुरू वो सुनाता है जो आपके लिए अच्छा होता है। परमात्मा वो करता है जो आपके लिए अच्छा होता है। इससे पूर्व भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक वरूण चोपड़ा और गुलशन लखीना ने ‘‘ये चमक ये दमक फुलवन में महक सबकुछ रघुबर तुम्हई से है’’, ‘जो बरसती है रहमत यहां पर, वो कहीं और बरसती नहीं है’ इत्यादि भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृष्ण गोपाल सेठी, ईश्वर सेठी, अरूण सेठी एवं वंदना सेठी ने ज्योत प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश नारंग ने किया। कार्यक्रम के उपरांत भण्डारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर प्रधान किशन लखीना, राजेन्द्र टुटेजा, पंकज नारंग, सुषांत सेठी, गुलशन लखीना, राजेश लखीना, अश्विनी शर्मा, हरीश खुराना, राम नारायण तनेजा, तिलक राज सेठी, मोहित नारंग, शशांक नारंग, रिषभ सेठी, योगेश बांगा, सतीश जुनेजा, अनिल रेवड़ी, बंटी लखीना, गुलशन खुराना, दिनेश ढींगड़ा, विजय नारंग, नारायण बठला, राममेहर चौहान व महिला संकीर्तन मण्डल के सदस्य उपस्थित थे।

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