Monday, June 15, 2026
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गैर-व्यवहारिक शिकायतों की एटीआर में दर्ज करें स्पष्ट कारण : उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 15, 2026 Tags: , , , , , , ,

सीएम विंडो शिकायतों पर सख्त हुए उपायुक्त, तीन दिन में निस्तारण के निर्देश

जन संवाद, समाधान शिविर और सीएम विंडो मामलों की हुई गहन समीक्षा

लंबित शिकायतों पर अधिकारियों से मांगा जवाब

BOL PANIPAT , 15 जून। जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में सीएम विंडो, जन संवाद एवं समाधान शिविरों से संबंधित लंबित शिकायतों के निस्तारण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री विंडो, जन संवाद और समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतें सरकार और प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक हैं। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर लंबित शिकायतों के निस्तारण की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की लंबित शिकायतों के रिमार्क्स और एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों पर लगाए जाने वाले रिमार्क्स तथ्यात्मक, स्पष्ट और संतोषजनक होने चाहिए। केवल औपचारिकता पूरी करने के उद्देश्य से एटीआर प्रस्तुत न की जाए, बल्कि शिकायत के वास्तविक समाधान की स्थिति का उल्लेख किया जाए।
उपायुक्त ने अधिकारियों से शिकायतों का स्वभाव भी जाना तथा यह जानकारी ली कि किन कारणों से कुछ मामलों का निस्तारण लंबित है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन शिकायतों का समाधान किसी तकनीकी, कानूनी अथवा व्यवहारिक कारणों से संभव नहीं है, उन मामलों में वास्तविक स्थिति को रिकॉर्ड पर लाया जाए तथा उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जो शिकायतें प्रथम दृष्टया नॉन-फिजिबल अथवा गैर-व्यवहारिक श्रेणी की हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित रखने या बार-बार एंटरटेन करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप उचित कार्रवाई करते हुए स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में डीडीपीओ, एलडीएम, डीआरओ, एसडीएम, एडीसी सहित विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित मामलों के निस्तारण में देरी के कारणों पर अधिकारियों से जवाब तलब किया तथा विभागवार प्रगति की जानकारी ली।
डीएलसी, पंचायती राज विभाग, कार्यकारी अभियंता कार्यालय, एचएसआईआईडीसी, डीडीपीओ विभाग, जिला कल्याण विभाग तथा ट्रेजरी कार्यालय से संबंधित शिकायतों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समीक्षा के दौरान कई विभागों के अधिकारी बैठक में अनुपस्थित पाए गए। इस पर उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी बैठकों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, “जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से लें तथा एटीआर और रिमार्क्स में वास्तविक स्थिति दर्ज करें। गैर-व्यवहारिक शिकायतों के संबंध में भी स्पष्ट तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। शिकायतों को लंबित रखना या औपचारिक कार्रवाई करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, स्टेट ऑफिसर प्रतीक, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ विजय मलिक, डीआरओ कनब लाकड़ा, तहसीलदार मनोज, तहसीलदार वीरेंद्र गिल, तहसीलदार इसराना नरेंद्र दलाल, एसडीओ कृषि विभाग डॉ. राधेश्याम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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