परिवारों के सत्यापन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता रखें अधिकारी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
पात्र परिवारों की पहचान में तेजी लाएं, योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाएं : मुख्य सचिव
एक साथ रह रहे परिवारों की स्थिति का करें वास्तविक आकलन, पात्रता के आधार पर मिले लाभ
ग्राम स्तर पर परिवारों की पहचान से लेकर आय सत्यापन तक चलेगा विशेष अभियान
BOL PANIPAT , 26 अगस्त। हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने और जरूरतमंद परिवारों की सही पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश के उपायुक्तों, अतिरिक्त उपायुक्तों, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को परिवारों की पहचान, पारिवारिक संरचना के सत्यापन, आय के आकलन तथा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोडऩे की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम सभा के संचालन, परिवारों की पारिवारिक संरचना के सत्यापन, अंत्योदय अन्न योजना के पात्र परिवारों की पहचान, एक लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के आय मूल्यांकन तथा कच्ची छत वाले परिवारों की पहचान सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मास्टर ट्रेनरों के उन्मुखीकरण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि परिवारों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। पात्र परिवार किसी भी स्थिति में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें और अपात्र लोगों को गलत तरीके से लाभ न मिले, इसके लिए पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।
बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्य सचिव को विशेष रूप से उन परिवारों के संबंध में सुझाव रखा, जिनके सदस्य एक ही स्थान पर एक साथ रह रहे हैं व संख्या ज्यादा है। मुख्य सचिव ने उपायुक्त इस सवाल को बेहतर बताया व इस पर संज्ञान लेने की जरूरत बताई।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र परिवार तक सहायता पहुंचाना है। इसलिए एक साथ रह रहे परिवारों की पहचान करते समय संवेदनशीलता के साथ-साथ तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन जरूरी है। परिवार की वास्तविक संरचना, आय और आर्थिक स्थिति के आधार पर ही उसकी पात्रता तय की जाए, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रहे और सरकारी व्यवस्था का लाभ भी सही पात्र तक पहुंचे। ग्राम स्तर पर होने वाला सत्यापन जितना मजबूत और पारदर्शी होगा, योजनाओं का क्रियान्वयन उतना ही प्रभावी होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं तथा किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति को समय रहते दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवारों के सत्यापन के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Comments