हर शिकायत का हो समयबद्ध समाधान, नागरिकों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे
सुशासन की दिशा में सरकार का बड़ा कदम, शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर प्रशासन का विशेष जोर: एसडीएम मनदीप कुमार
नागरिकों की शिकायतों पर तत्काल हो कार्रवाई, किसी को समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें
जनता की समस्या का समाधान ही प्रशासन की कसौटी, 9 शिकायतों पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश
हर शिकायत का हो समयबद्ध समाधान, नागरिकों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएसपी विकास चहल
जनता समाधान शिविर में 9 शिकायतें पहुंचीं, अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
BOL PANIPAT , 3 सितंबर। हरियाणा सरकार द्वारा आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह और सुगम प्रशासन उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के संकल्प को जिला प्रशासन प्रभावी रूप से धरातल पर उतार रहा है व काफी हद तक इसमें सफल भी रहा है।सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने के साथ-साथ उसकी शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जनता समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनी जा रही हैं और संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित जनता समाधान शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने शिकायतों की प्रकृति और प्राथमिकता को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक और प्रभावी राहत मिलनी चाहिए।
शिकायत के पीछे छिपी नागरिक की परेशानी समझें अधिकारी
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जनता समाधान शिविर प्रशासन और आम नागरिक के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि समस्या की वास्तविक स्थिति को समझकर उसके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव है, उनमें मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिन मामलों में नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता है, उनमें भी निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारी शिकायत को महज एक फाइल या कागजी प्रक्रिया न मानें, बल्कि उसके पीछे जुड़ी नागरिक की परेशानी को समझते हुए संवेदनशीलता से कार्य करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही बरती जाए। विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि किसी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए कितनी आसानी और कितनी जल्दी राहत मिलती है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि जनता समाधान शिविर के माध्यम से प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं को सीधे समझने और उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करने का अवसर मिलता है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जा रहा है और उनकी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्राथमिकता तय की जा रही है, ताकि शिकायतकर्ता को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सहज तरीके से मिले और किसी समस्या के समाधान के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनता समाधान शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करवाई जा रही है। किसी शिकायतकर्ता को केवल आश्वासन देकर उसकी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। जरूरी है कि उसकी समस्या पर वास्तविक और प्रभावी कार्रवाई हो तथा उसे समाधान की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करना चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को सरकारी व्यवस्था पर विश्वास और भरोसा महसूस हो।
पुलिस उप अधीक्षक विकास चहल ने कहा कि पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जा रहा है। प्रत्येक मामले की उपलब्ध तथ्यों और नियमानुसार जांच के आधार पर समीक्षा की जा रही है तथा जहां आवश्यकता है, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को निष्पक्षता से सुना जाए और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही शिकायतकर्ता को मामले में हुई कार्रवाई और प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं और पुलिस का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई तथा समयबद्ध न्याय मिले। जनता समाधान शिविर में 3 सितंबर को कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं। अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबंधित जांच के मामले में 2 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि 3 शिकायतें अतिरिक्त उपायुक्त से संबंधित थीं। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी से संबंधित 1 शिकायत तथा जिला शिक्षा अधिकारी से संबंधित 1 शिकायत प्राप्त हुई। इसके अलावा उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता से संबंधित मीटर हटाने के मामले में 2 शिकायतें प्राप्त हुईं। इस मौके पर डीडीपीओ राजेश शर्मा,डिप्टी सीएमओ दिव्या साहनी, पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता करण बहल, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता दिवेश दहिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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