अस्पताल की व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना सर्वोच्च प्राथमिकता : उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
उपायुक्त ने सामान्य अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, वार्डों से लेकर इमरजेंसी तक परखी व्यवस्थाएं
डॉक्टर नियमित विजिट करें, सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी मिली तो होगी जवाबदेही तय
अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त सख्त, स्टॉक रजिस्टर से लेकर वार्डों की सुविधाओं तक की जांच
BOL PANIPAT , 3 सितंबर। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सामान्य अस्पताल का बुधवार को दोपहर बाद औचक निरीक्षण कर अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, वार्डों की व्यवस्था, चिकित्सकों की विजिट तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों से बातचीत की और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जहां आवश्यक सुधार की जरूरत मिली, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने मोर्चरी की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रत्येक वार्ड और जरूरी स्थान पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने चिकित्सकों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने तथा निर्धारित समय पर वार्डों में विजिट कर मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में रखे फ्रिज को चालू रखने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न वार्डों के स्टॉक रजिस्टर भी जांचे और संबंधित अधिकारियों से रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने को कहा।
उपायुक्त डॉ हरीश ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का उचित रखरखाव और उनका समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान गैलरी में कुछ व्यक्तियों के सोते हुए पाए जाने पर उपायुक्त ने गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित चिकित्सक से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाएं।
उपायुक्त ने सीटी स्कैन एवं एमआरआई स्कैन सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, डेंगू वार्ड, डीएनबी रूम, एनआरसी वार्ड और नर्सिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। बाल रोग कक्ष में उपचाराधीन मरीज जैकी भारती से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
इसके अलावा उपयुक्त ने मातृत्व विभाग, जनरल वार्ड, लेबर रूम और एमसीयू का भी जायजा लिया।
उन्होंने अस्पताल में चल रहे हाइजीनिक पाइप के कार्य ना करने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और आवश्यक कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता, पेयजल, बिजली, शौचालय, दवाइयों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था हर समय सुचारु रहनी चाहिए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। मरीज और उनके परिजन अस्पताल में बेहतर इलाज के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण की अपेक्षा लेकर आते हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझे। अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि सीएमओ और सभी विभागाध्यक्ष नियमित रूप से पूरे अस्पताल का निरीक्षण करें तथा कम से कम दिन में दो बार प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थान और वार्ड का दौरा कर व्यवस्थाओं की स्वयं निगरानी करें। जहां भी कमी नजर आए, उसे तत्काल दूर कराया जाए। चिकित्सकों की समय पर विजिट, मरीजों की देखभाल, साफ-सफाई और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने पोषण विभाग की डॉक्टर से फोन पर किस तरह बच्चों को पोषण से संबंधित खुराक दी जाती है कि भी जानकारी ली है आवश्यक दिशा निर्देशदिए।
उपायुक्त ने कहा कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने लेबर रूम में आवश्यक उपकरण लगाने के भी निर्देश दिए। मेडिसिन रूम, डॉक्टर रूम और इमरजेंसी की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को रिकॉर्ड और सामान को व्यवस्थित रखने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, डिप्टी सीएमओ डॉ. दिव्या साहनी, डॉ. ललित वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।

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