Friday, September 11, 2026
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मातृत्व के दौरान महिलाओं को आर्थिक संबल दे रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 11, 2026 Tags: , , , , ,

स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे की मजबूत नींव, पात्र महिलाएं उठाएं मातृ वंदना योजना का लाभ

गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार की संवेदनशील पहल, तीन किस्तों में मिलती है हजारों रुपए की सहायता

मां और नवजात के बेहतर स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनी सहारा

BOL PANIPAT , 11 सितंबर। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकार की यह योजना मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें समय पर स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित प्रसव और बच्चे के टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करती है।

उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना वर्ष 2017 से लागू है। योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को परिवार के पहले जीवित बच्चे के लिए निर्धारित शर्तें पूरी करने पर हजारों रुपए की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में सीधे प्रदान की जाती है। उपायुक्त डॉ. हरीश ने बताया कि योजना का लाभ गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण करवाने पर दिया जाता है।

डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने पात्र महिलाओं से अपील की कि वे गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण करवाएं, निर्धारित स्वास्थ्य जांच करवाएं और बच्चे के जन्म के बाद उसका पंजीकरण तथा समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें योजना की सभी किस्तों का लाभ मिल सके।

उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन कर सकती है। आवेदन के लिए मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। योजना के लिए सरकारी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

उपायुक्त डॉ. हरीश ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। आर्थिक सहायता से महिलाओं को प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम करने में मदद मिलती है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी जिले की पात्र महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ उठाते हुए निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं को समय पर अपनाना चाहिए।

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