Sunday, September 20, 2026
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पानीपत सहकारी चीनी मिल डाहर को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता का प्रथम पुरस्कार.

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 19, 2026 Tags: , , , , , ,

22 सितंबर को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ग्रहण करेंगे पुरस्कार
पानीपत सहकारी चीनी मिल ने रचा इतिहास,
तकनीकी दक्षता में देश में प्रथम, 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के साथ हासिल किया पहला स्थान
2025-26 के पेराई सत्र में मिल का शानदार प्रदर्शन
61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई और 5.62 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन के साथ मिली बड़ी उपलब्धि

BOL PANIPAT, 19 सितंबर। पानीपत सहकारी चीनी मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान कायम करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ की ओर से वर्ष 2025-26 के दक्षता पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिसमें पानीपत सहकारी चीनी मिल को अन्य रिकवरी क्षेत्र में तकनीकी दक्षता के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मिल ने 94.61 प्रतिशत क्षमता उपयोग के समग्र प्रदर्शन के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। यह पुरस्कार 22 सितंबर को नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। पानीपत की ओर से उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ ने 11 सितंबर को पानीपत सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में पुरस्कार की जानकारी दी थी । आंकड़ों के विशेषज्ञों द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर मुख्य निदेशक (शुगर), भारत सरकार की अध्यक्षता वाली पुरस्कार चयन समिति ने वर्ष 2025-26 के दक्षता पुरस्कारों के परिणाम को अंतिम रूप दिया है। समिति ने पानीपत सहकारी चीनी मिल को तकनीकी दक्षता में प्रथम पुरस्कार के लिए चुना है।
61.50 लाख क्विंटल गन्ने की हुई पेराई वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में पानीपत सहकारी चीनी मिल ने 61.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। यह प्रदेश की 11 सरकारी चीनी मिलों में सबसे अधिक पेराई बताई गई है। इसी अवधि में मिल ने 5.62 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। मिल की ओर से इस सत्र में बिजली का उत्पादन कर करीब 29 करोड़ रुपये की बिजली की बिक्री भी की गई।
दो रिकवरी क्षेत्रों में तकनीकी दक्षता में रहा आगे मिल प्रबंधन के अनुसार राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ ने दक्षता के आकलन के लिए दो क्षेत्र बनाए थे। इनमें 15 राज्यों को शामिल करते हुए एक कम रिकवरी क्षेत्र तथा तीन राज्यों को शामिल करते हुए एक उच्च रिकवरी क्षेत्र बनाया गया था। पानीपत सहकारी चीनी मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए दोनों क्षेत्रों में अग्रणी स्थान हासिल किया है।
ध्यान रहे कि पानीपत में वर्ष 1956 में 18 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली चीनी मिल शुरू की गई थी। समय के साथ पुरानी मिल की सीमित क्षमता के कारण जिले के किसानों को अपना गन्ना प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों तक भेजना पड़ता था। किसानों की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में  डाहर गांव में 50 हजार क्विंटल पेराई क्षमता वाला नया गन्ना मिल संयंत्र स्थापित किया। नई क्षमता और तकनीकी सुविधाओं के चलते मिल के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है।  मिल के प्रबंध निदेशक नवदीप सिंह नैन ने इस उपलब्धि को बड़ी सफलता बताते हुए  उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ को बधाई दी।
उपायुक्त ने कहा कि कहा कि यह पुरस्कार मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास, मेहनत और सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण पेराई सत्र के बावजूद मिल ने तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार हासिल किया। विदित रहे कि राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ की ओर से 22 सितंबर को सुबह 11:30 बजे नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय और राज्य मंत्रियों की मौजूदगी में पानीपत सहकारी चीनी मिल को यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्रदान किया जाएगा।

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