बच्चों की प्रतिभा, कौशल और नवाचार से साकार होगा 2047 का विकसित भारत: मंत्री विपुल गोयल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से ज्ञान के साथ कौशल विकास पर जोर, बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना लक्ष्य: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
3200 बच्चों ने मानव रंगोली बनाकर दिया विकसित भारत का संदेश, डिजिटल प्रदर्शनी में दिखी सपनों के भारत की झलक
सेवा संकल्प अभियान के तहत आर्य कॉलेज में राज्य स्तरीय आयोजन, विद्यार्थियों की कलाकृतियों और डिजिटल प्रदर्शनी ने मोहा मन
BOL PANIPAT , 9 अक्टूबर। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय, नागरिक उड्डयन एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि देश के बच्चे ही वास्तविक हीरो हैं और उनकी प्रतिभा, मेहनत, नवाचार तथा संकल्प के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करवाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उनमें रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और व्यावहारिक कौशल विकसित करना जरूरी है।
विपुल गोयल शुक्रवार को स्थानीय आर्य महाविद्यालय के सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा तैयार की गई मानव रंगोली, चित्रकला और डिजिटल प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण रहा। इस अवसर पर 3200 बच्चों ने मानव रंगोली तैयार कर विकसित भारत की संकल्पना को प्रदर्शित किया। मंत्री ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से भविष्य के भारत की जिस तस्वीर को प्रस्तुत किया है, वह उनकी कल्पनाशीलता, जागरूकता और देश के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में तकनीक से जुड़ी छोटी-छोटी आकृतियों और विभिन्न रचनात्मक माध्यमों के जरिए विकसित भारत की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत को जिस मेहनत और लगन के साथ चित्रों तथा डिजिटल माध्यम से दर्शाया है, वह सराहनीय है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विचारों को सामने लाने और देश के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। बच्चों को आज से ही नवाचार, अनुशासन, कौशल और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोडऩा होगा, ताकि वे भविष्य में देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने पानीपत की ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वीर जवानों, मेहनतकश किसानों और प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों की धरती है। हरियाणा देश की आबादी का लगभग दो प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद खेल, कृषि, सैन्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि पानीपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान ने बेटियों के सम्मान, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शिक्षा विभाग, आयोजकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज के प्रत्येक घर तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। यह अभियान सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बच्चों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के विद्यार्थी ही भविष्य में देश की जिम्मेदारियां संभालेंगे, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप उनके विकास पर ध्यान दिया जा सके। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, नए अवसर तलाशने और समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के योग्य बनाना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार देने की क्षमता विकसित करना भी समय की जरूरत है। इसके लिए विद्यार्थियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और नवाचार से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। आईआईटी और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का सपना विकसित भारत का निर्माण करना है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। बच्चों को अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखते हुए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। शिक्षा के माध्यम से उनमें आंतरिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाना और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने मिड-डे मील और दूध जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का भी उनके शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।
मंत्री ढांडा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान और इस प्रकार के राज्य स्तरीय आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ देश के भविष्य के बारे में सोचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत मानव रंगोली, चित्रों और डिजिटल प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनात्मकता में विकसित भारत के प्रति उम्मीदों और संकल्प की झलक दिखाई देती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा को भी विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने चित्रकला के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया कि वर्ष 2047 में भारत कैसा होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करती हैं।
शिक्षा विभाग की निदेशक मनीता मलिक ने राज्य स्तरीय आयोजन के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों ने मेहनत, लगन और उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को साकार रूप देने और शिक्षा को रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में पहुंचने पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने आर्य महाविद्यालय के सभागार में लगाई गई डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपनी कल्पनाओं, विचारों और रचनात्मकता को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। मंत्रियों ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों और डिजिटल प्रस्तुतियों को देखा तथा उनके प्रयासों की सराहना की। एडीसी अंकित चौकसे ने जिला प्रशासन की ओर से आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विपुल गोयल का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया, जबकि मनीता मलिक ने शिक्षा मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, मेयर कोमल सैनी, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, जिला परिषद की अध्यक्ष ज्योति शर्मा, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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