Thursday, October 15, 2026
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आर्य कॉलेज में 49वें करनाल जोनल युवा महोत्सव दूसरे दिन का शानदार आगाज, युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 15, 2026 Tags: , , , , ,

–    रिचुअल की विधा में अपनी सांस्कृति से रू-बरू हुए युवा

–    उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने युवाओं को चुनौतियों का डटकर सामना करने और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभा निखारने के लिए किया प्रेरित

BOL PANIPAT – वीरवार 15 अक्तूबर 2026, वीरवार को कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र द्वारा आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत में आयोजित 49 वें जोनल युवा महोत्सव के दूसरे दिन का भी शानदार आगाज हुआ। युवा महोत्सव के दूसरे दिन के उद्घाटन सत्र पर बतोर मुख्य अतिथि पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, विशिष्ट अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के हरियाणा राज्य के प्रचार प्रमुख राजेश गोयल, पानीपत के एसडीएम मंदीप सिंह, प्रसिद्ध मोतियाज ग्रुप के चेयरमैन पवन बंसल का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर आर्य कॉलेज प्रंबधक समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शिगंला, उपाध्यक्ष वीरेंद्र शिंगला, महासचिव सीए कमल किशोर, उपाध्यक्ष विरेंद्र शिंगला, कोषाध्यक्ष पीयूष आर्य, निखिल शिंगला, कॉलेज प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता व उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया।

प्रात कालीन सत्र में ओ.पी. शिंगला सभागार में रसिया ग्रुप डांस व हरियाणवी रिचुअल की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मान मोह लिया।

रसिया ग्रुप डांस एक पांरपरिक लोक नृत्य है जो हरियाणा के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र (मथुरा, वृंदावन) और राजस्थान से जुड़ा एक लोक गीत और नृत्य रूप है। यह भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम की लीलाओं, भक्ति और श्रृंगार रस पर आधारित होता है। सभागार में बैठे सभी दर्शकों को रसिया के रंग ने सराबोर कर दिया।

हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की विधा- वर्तमान समय में हरियाणा और उसके आस-पास के क्षेत्रों (पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्से) में मनोरंजन की एक बेहद लोकप्रिय विधा बन चुका है. यह पारंपरिक लोक कलाओं और आधुनिक संगीत चकाचौंध का एक मिला-जुला रूप है। आर्य कॉलेज के विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुति देते हुए हरियाणा के 30 से ज्यादा वाद्ययंत्र एक साथ बजाकर, सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा युवा महोत्सव की एक ऐसी विधा है जिसमें प्रतिभागी ऐसे वाद्य यंत्र बजाते हैं जो वर्तमान में ज्यादा प्रचलित नहीं है या आज का युवा उनको भूला चुका है।

49वें जोनल युवा महोत्सव के दूसरे दिन के पहले सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि आर्य कॉलेज ने बहुत ही उर्जावान तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया है, इसके लिए पूरा आर्य कॉलेज का प्रबंधन बधाई का पात्र है। उन्होंने अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हमें अपने अंदर छुपी हुई प्रतिभा को ढूंढने का अवसर मिलता है, जिससे हम खुद के अंदर और ज्यादा निखार ला सकते हैँ। उन्होंने युवाओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए प्रेरित किया। और कहा कि हमें उनसे बहुत कुछ सीखकर आगे बढना चाहिए क्योंकि हमारे जीवन के असल प्रेरणा के स्त्रोत वहीं क्षण होते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आपको नशे से खुद को भी दूर रखना है और दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालो का सबसे पहला टारगेट युवा ही होते हैं। इसीलिए युवाओं को उनसे सचेत रहकर स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी पढाई तो आज के समय में, गुगल या एआई से भी कर लेते हैं लेकिन उनको सांस्कृतिक गतिविधियों और खेल कूद के लिए अच्छा माहौल आपके स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय ही दे सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत कर रहे राजेश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान जरूरी होता है। उन्होंने आर्य कॉलेज प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि आर्य महाविद्यालय विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने का मंच प्रदान कर राष्ट्रहित में अपना यागदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम सब को इस बात पर विचार करना चाहिए कि मेरा जीवन किस लिए है, कैसे मैं उसे हमेशा अपने राष्ट्र को सर्वापरि रख राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे देश् के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया है कि हम अपने देश को 2047 तक विश्वगुरू बनाएगें, लेकिन अगर युवा इस मुहिम में बढचढ कर हिस्सा लें तो हम 2047 से पहले ही विश्वगुरू बन जाऐंगे।

रिचुअल युवा महोत्व की ऐसी विधा जो आज के युवा मोबाइल और डीजे की चकाचौंध में भूलते जा रहे हैं। इस विधा है प्रतिभागी हरियाणवी संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास करते हैं। जो हमारे समाज में तीज,त्योहार,विवाह व लडका होने की खुशी की में घरो में गाए जाने वाले छटी के गीत व नृत्य करके वो अपनी खुशी को व्यक्त करते हैं, वो अद्वितीय है। आज हमारे घरों में  इन त्योहारों और खुशी के पलों को आधुनिक के युग डीजे और मोबाइल खा रहे हैं, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय का ये प्रयास सराहनीय है वे इस प्रकार के आयोजनों से आज के युवा कम से कम अपनी संस्कृति से रू-बरू हो रहे हैं।

वहीं सांय कालीन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर पानीपत की पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण ने विद्या र्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यही समय है जब आप अपनी पढाई के साथ-साथ और भी बहुत सारी विधाओं को सीख सकते हो। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति को बढावा देना चाहिए।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे पानीपत जिले के एसडीएम मंदीप सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा महोत्सव में शिकरत करना मेरे लिए बहुत ही गोरवान्वित पल है। ऐसे कार्यक्रमों से  विद्यार्थियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी कला एवं संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने महाविद्यालय के प्रबंधन की जमकर सरहाना की और कहा कि आर्य कॉलेज के विद्यार्थी हमेशा अनुशासित रहकर अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवा में अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करें और समाज व देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने युवा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन को बधाई देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आर्य कॉलेज प्रबंधक समिति के महासचिव सीए कमल किशोर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के महोत्सव से युवाओं को अपनी संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है।

प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर सभी अतिथियों का स्वागत किया व अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय में आयोजित युवा महोत्सव के दूसरे दिन भी विभिन्न महाविद्यालयों से पहुंची टीमों के प्रतिभागी एक नई उर्जा के साथ अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं।

वहीं सांय कालीन सत्र में मुख्य अतिथि मोतियाज ग्रुप के चैयरमैन पवन बंसल ने  प्रतिभागियों का मनोबल बढाते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढता है।

महोत्सव में स्टेज नंबर 6 पर सांग की विधा का मंचन हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने पौराणिक कथाओं के माध्यम दर्शकों का दिल जीत लिया।

सांग हरियाणवी संस्कृति की एक ऐसी विधा हैं जो प्राचीन समय से ही यहां के लागों का मनोरंजन का सबसे महत्पूर्ण माध्यम था। सांग विधा में प्रतिभागी ना केवल गा कर बल्कि गाने के साथ-साथ नृत्य भी करते हैं और जो वार्तालाप होती है वो भी सारी तुकबंदी में ही होती है। सांग की एक विशेषता यह भी होती है कि लडके ही महिलाओं की भूमिका भी निभाते हैं। महोत्सव में विद्या र्थियों ने सूर्य कवि पं.लख्मी चंद, पं.मांगे राम इत्यादी द्वारा बनाए गए सांगों पर अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी।

विधाओं के परिणाम इस प्रकार रहे।

रसिया ग्रुप डांस में एस.डी. पीजी कॉलेज, पानीपत ने प्रथम, आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान वआई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत कीटीमनेतृतीयस्थानहासिलकिया।

वेस्ट्रन वॉकल सोलो में आई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत ने प्रथम, आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व गुरु नानक खालसा कॉलेज, करनाल की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

क्ले मॉडलिंग में पं.चिरंजी लाल राजकीय महाविद्यालय करनाल प्रथम, राजकीय महिला महाविद्यालय करनाल ने द्वितीय स्थान व आई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

कार्टूनिंग में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम, डी.ए.वी. महिला महाविद्यालय,करनालने द्वितीय स्थान व एस.डी. कॉलेज पानीपत की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

डिबेट इंग्लिश फॉर द मोशन में आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम, आई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व दयाल सिंह कॉलेज करनाल की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

डिबेट इंग्लिश अगैन्स्ट द मोशन में आई.बी. पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम, एस.डी. पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व राजकीय महाविद्यालय, पानीपत की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

कॉलाज में एस.डी. पीजी कॉलेज, पानीपत प्रथम,आर्य पीजी कॉलेज, पानीपत ने द्वितीय स्थान व राजकीय महाविद्यालय घरोंडा की टीम ने तृतीय स्थान हासिलकिया।

इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अनिता जून, प्राचार्या डॉ. हरिओम, प्राचार्या डॉ. जसदीप कौर, उद्योगपति

कश्मीरी शिंगला, रविमंगला, नितेश मित्तल, समाज सेविका डॉ. रजनी बैनिवाल समेत अन्य मौजूद रहे।  

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