बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के चालान सुनिश्चित करें: एसडीएम मनदीप कुमार
सडक़ दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन सख्त, सुरक्षित यातायात व्यवस्था पर जोर
सर्दियों में हादसों को रोकने के लिए सडक़ों पर सफेद पट्टियां लगाने के निर्देश
सडक़ सुरक्षा के सभी मानकों की हो पालना, गड्ढों को भरने और ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष ध्यान
BOL PANIPAT , 27 अक्टूबर। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार और एसडीएम समालखा अमित कुमार ने सडक़ सुरक्षा से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने, दुर्घटना संभावित स्थानों में सुधार करने और आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अगस्त और सितंबर 2025 तथा 2026 के दौरान हुई सडक़ दुर्घटनाओं, दुर्घटनाओं में हुई मौतों और घायलों के आंकड़ों की समीक्षा के साथ-साथ पुलिस विभाग और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रवर्तन कार्यों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त इसराना फ्लाईओवर पर सुरक्षित ठहराव व्यवस्था, एनएच-44 पर सडक़ चौड़ीकरण, पानीपत फ्लाईओवर पर आरसीसी बैरियर लगाने, सुरक्षित स्कूल वाहन नीति और सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित विभागों को सडक़ सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करने होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी मार्गों पर संबंधित विभाग सफेद पट्टियां लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि सर्दियों के दौरान कम दृश्यता की स्थिति में वाहन चालकों को सडक़ की दिशा और सीमाओं का स्पष्ट पता चल सके तथा दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करने और चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट नहीं लगाने के मामलों में चालान किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सडक़ सुरक्षा के नियम केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये लोगों के जीवन की रक्षा से जुड़े हैं। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति सख्ती बरतते हुए आमजन को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
एसडीएम समालखा अमित कुमार ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल यातायात नियमों का पालन करवाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सडक़ों की स्थिति को भी सुरक्षित बनाना आवश्यक है। संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र की सडक़ों का निरीक्षण करें और जहां भी गड्ढे, क्षतिग्रस्त सडक़ें, संकेतकों की कमी या अन्य खामियां दिखाई दें, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करें।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। सडक़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था मिले। उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की पालना सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में एनएच-44 पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गार्ड रेल लगाने, शहर के मुख्य जीटी रोड और गोहाना रोड, जाटल रोड तथा असंध रोड फ्लाईओवर पर नॉइस बैरियर लगाने, पानीपत में सीसीटीवी निगरानी एवं यातायात प्रवर्तन कैमरे स्थापित करने तथा नालों की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
इसके अलावा पानीपत-गोहाना रोड पर ट्रांसमिशन टावर को स्थानांतरित करने, एचएसवीपी सेक्टर-25 में सडक़ के गड्ढे भरने, गोहाना रोड पर जलभराव की समस्या दूर करने, डाहर चौक और भूदशाम चौक पर दुर्घटना संभावित बिंदुओं में सुधार करने, बिंझौल से डाहर तक नवनिर्मित सडक़ के साथ नालों के स्तर से संबंधित समस्या दूर करने तथा रोहतक बाईपास और एनएच-709एडी पर यू-टर्न के सौंदर्यीकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अतिरिक्त एनएच-44 पर अवैध कट बंद करने, डाहर गांव के पास एनएच-709 पर फ्लाईओवर के विस्तार, कुराड़ गांव से एनएच-709एडी रोड तक विभिन्न स्थानों पर गड्ढों की मरम्मत, पानीपत टोल प्लाजा पर अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग हटाने, सीवर मैनहोल के ढक्कनों का स्तर ठीक करने, स्कूलों के सामने दोनों ओर स्पीड ब्रेकर लगाने, बाबैल नाका से सनौली तक सडक़ की लाइटों के बिजली कनेक्शन तथा सडक़ किनारे उगी वनस्पति हटाने और पेड़ों की छंटाई जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सडक़ सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में सडक़ दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और आमजन के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो। इस मौके पर आरटी ओ डॉ नीरज जिंदल, जीएम रोडवेज विक्रम कंबोज, जिला शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू, आर ओ भूपेंद्र चहल के अलावा विभिन्न विभागों से अधिकारी मौजूद रहे।

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