वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए लागू होंगे एहतियाती उपाय: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी संबंधित विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग आपसी तालमेल से करें काम, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर रखें कड़ी निगरानी, निर्देशों की प्रभावी ढंग से हो पालना
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन अलर्ट
BOL PANIPAT , 3 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सीएक्यूएम के सदस्य-तकनीकी डॉ. एस.डी.अत्री ने की। बैठक में एनसीआर के जिलों के अधिकारियों को वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आयोग द्वारा दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न एहतियाती उपाय लागू किए जाने हैं। इसी विषय को लेकर आयोग ने एनसीआर के सभी जिलों के जिला अधिकारियों को जागरूक करने तथा निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह बैठक आयोजित की।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करें और अपने-अपने विभाग से संबंधित उपायों को समयबद्ध तरीके से लागू करना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सभी संबंधित विभागों की सामूहिक भागीदारी और आपसी समन्वय जरूरी है। अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में प्रदूषण के संभावित स्रोतों पर निगरानी रखें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि वायु प्रदूषण की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी गंभीरता, जवाबदेही और आपसी तालमेल के साथ कार्य करना होगा। आयोग द्वारा 5 से 20 नवंबर तक लागू किए जाने वाले एहतियाती उपायों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी रखें, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण करें तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें और प्रदूषण कम करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार एसडीएम समालखा अमित कुमार एसडीएम इसराना नवदीप नैन नगराधीश टीनू पोसवाल के अलावा कई अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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