“विकसित भारत के संकल्प में स्वदेशी अभियान का योगदान” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आईबी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में हिंदी विभाग द्वारा “विकसित भारत के संकल्प में स्वदेशी अभियान का योगदान” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. ऋषिपाल, प्राचार्य, बाबू अनंत राम जनता कॉलेज, कोल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह, उप प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक, डॉ.गुरनाम सिंह, डॉ. सुनीता ढांडा, डॉ. शर्मिला यादव, डॉ. जोगेश एवं डॉ. निर्मला द्वारा भारतीय परंपरा के अनुरूप तुलसी का पौधा भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. ऋषिपाल ने अपने प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान में “विकसित भारत” के उस महत्वपूर्ण संकल्प की चर्चा की, जो केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का दायित्व है। इस संकल्प को साकार करने में स्वदेशी अभियान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अभियान युवाओं को स्टार्टअप्स, नए विचारों और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एक विकसित भारत की कल्पना तभी संभव है जब हम तकनीकी, औद्योगिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। स्वदेशी ज्ञान और स्थानीय नवाचारों को शिक्षा से जोड़कर विद्यार्थियों में रचनात्मकता और उद्यमिता को विकसित करें।
महाविद्यालय की उपप्राचार्या डॉ. शशि प्रभा ने स्वदेशी अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब विद्यार्थी भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे तो इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लाखों लोगों का जीवन स्तर भी सुधरेगा। कारीगर, स्थानीय उद्योग और छोटे व्यवसाय सशक्त बनेंगे। “वोकल फोर लोकल” का संदेश इसी दिशा में एक सशक्त कदम है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. पूजा तथा डॉ. रेखा का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन डॉ. शर्मिला यादव द्वारा किया गया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।

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