Friday, April 17, 2026
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गांधी जयंती के अवसर पर एक दिवसीय एन. एस. एस. कैंप का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 1, 2023 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : स्थानीय आई. बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पानीपत में गांधी जयंती के अवसर पर एक दिवसीय एन. एस. एस. कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का विषय स्वच्छता ही सेवा रहा। इस कैंप के मुख्य अतिथि प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा वाइस चांसलर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र और प्रोफेसर आर.के. मित्तल वाइस चांसलर चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी, भिवानी ने शिरकत दी। इस कैंप का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने पौधारोपण करके किया। इस कैंप के मुख्य अतिथि ने कालेज प्रांगण 1 तारीख 1 घंटा कार्यक्रम के तहत स्वच्छता के लिए श्रमदान पर संदेश दिया। इस कैंप में कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा भारत सरकार द्वारा चलाया गया है। आज स्वच्छ भारत मानव कल्याण एवं स्वस्थ नागरिक के निर्माण के लिए स्वच्छता अनिवार्य है। प्रत्येक स्वयंसेवकों को अपने घर के साथ-साथ पड़ोस और सार्वजनिक स्थान को स्वच्छ रखना हम सभी का कर्तव्य हैं। इस अवसर पर डॉ. जोगेश ने बताया कि स्वयंसेवकों ने स्वच्छता ही सेवा एक दिन से कैंप में स्वयंसेवक कॉलेज प्रांगण में सफाई स्वच्छता पर जागरूक रैली, पौधारोपण एवं स्वच्छता पर लेक्चर के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए गए। इस कैंप में यूथ रेड क्रॉस की संयोजिका प्रो. सोनिया ने अपने संबोधन में बताया कि स्वच्छ भारत अभियान को नई ऊर्जा देने और इसे जन आंदोलन बनाने के लिए स्वच्छता ही सेवा नाम से इस पखवाड़े के दौरान स्वच्छता अभियान पूरे भारत में चलाया जा रहा है। कॉलेज के स्वयंसेवकों की भागीदारी भी सराहनीय है। प्रो. पवन कुमार ने इस कैंप में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में पशु और पक्षी भी स्वच्छता का ध्यान देते हैं और हम तो मानव होने के नाते हमारा कर्तव्य भी स्वच्छता ही सेवा का बनता है। इस कैंप में शारीरिक विभाग से लेफ्टिनेंट राजेश ने अपने संबोधन में स्वयंसेवकों को बताया कि जब तक हम अपने वातावरण को स्वच्छ नहीं रखेंगे तब तक हम स्वस्थ नहीं रह सकते। इस कैंप में डॉक्टर शर्मिला यादव ने अपने वक्तव्य में बताया कि एनएसएस एक समाज सेवा का जरिया है हमें समाज में समाज कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए | एनएसएस के माध्यम से समूह में कार्य करने की प्रवृत्ति अपने आप ही अभीभूत हो जाती है सांयकालीन सत्र में स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया |

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