हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी. (पी.जी.) कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता एवं गर्व की भावना विकसित करना रहा।
इस प्रतियोगिता की विशेष थीम “मेरा हरियाणा, मेरी पहचान”तथा “हरियाणा की विरासत, हमारी पहचान” रखी गई है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी काव्य प्रतिभा, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति कौशल को प्रदर्शित किया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित अथवा चयनित कविताओं के माध्यम से हरियाणा की वीरता, शौर्य, गौरवशाली इतिहास, लोक संस्कृति, परंपराओं, ग्रामीण जीवन, कृषि, भाईचारे और सामाजिक एकता को शब्दों में अभिव्यक्त किया ।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
कॉलेज उप-प्राचार्या डॉ किरण मदान ने कहा कि हरियाणा केवल एक राज्य नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट पहचान, गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां की मिट्टी में वीरता की खुशबू है, लोकगीतों में संस्कृति की मिठास है और यहां के लोगों के जीवन में मेहनत, साहस तथा आत्मसम्मान की झलक दिखाई देती है।
एन.एस.एस. की कार्यक्रम अधिकारी खुशबू ने कहा कि हरियाणा की रागनियां, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान और आपसी भाईचारा इसकी सांस्कृतिक पहचान को विशेष बनाते हैं। खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी मातृभूमि, मातृभाषा और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। कविता के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सकती है।
इस कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आंचल, द्वितीय स्थान चेष्ठा और तृतीय स्थान कुमकुम शर्मा ने प्राप्त किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ नीतू, सहायक प्राध्यापक कुलदीप की अहम भूमिका रही ।

Comments